छह साल के बेटे को जहर देकर मारने वाले दोषी पिता को आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई गई है। बच्चे के नाना ने अपने बयानों में कई गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि आरोपी ने मेरी बेटी की भी हत्या की थी। वहीं दोनों दोहितियों को भी मारने की कोशिश की थी। वह पत्नी की हर निशानी खत्म करना चाहता था। बच्चे की मौत के करीब 6 साल बाद बुधवार को अलवर के एडीजे कोर्ट नंबर-3 ने फैसला सुनाया। आरोपी CRPF में कॉन्स्टेबल था। जनवरी, 2026 में ही उसने VRS लिया था। बच्चे के नाना ने दर्ज करवाया था मामला सरकारी वकील अजीत यादव ने बताया- लीली (मालाखेड़ा) निवासी मामचंद (38) को अपने बेटे कुनाल की हत्या करने पर सजा सुनाई गई है। एक लाख 51 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। मामला 19 अगस्त 2020 का है। बच्चे की मौत के बाद उसके नाना जगदीश प्रसाद निवासी फरीदाबाद (हरियाणा) ने मालाखेड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने दामाद मामचंद पर जहर देकर दोहिते की हत्या करने का आरोप लगाया था। पुलिस ने सबूत जुटाने के बाद मामचंद को गिरफ्तार किया था। इसके बाद कोर्ट में चालान पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 गवाह और 26 दस्तावेज पेश किए, जिनके आधार पर कोर्ट ने सभी तथ्यों का विश्लेषण किया। नाना ने कहा था- मेरी बेटी को भी जहर देकर मारा नाना जगदीश प्रसाद ने अपने बयानों में कहा था कि घटना से करीब दो महीने पहले मामचंद ने मेरी बेटी रेखा (कुनाल की मां) को भी जहर देकर मार दिया था। हालांकि उस समय गांव वालों की समझाइश पर परिवार ने कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई थी। इसके बाद आरोपी ने अपनी दो बेटियों डॉली और सोनाक्षी को भी भर्तृहरि क्षेत्र में ले जाकर मारने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सका था।
