सीकर के नीमकाथाना में भाई-बहन के अटूट प्रेम की मिसाल नीमकाथाना के खादरा गांव में देखने को मिली। तीन भाइयों की इकलौती बहन 65 वर्षीय प्रभाती देवी अपने तीसरे भाई के निधन का सदमा नहीं सह सकीं। भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचीं प्रभाती देवी ने जैसे ही भाई का शव देखा, वह बिलखने लगीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया। जानकारी के अनुसार खादरा निवासी प्रभाती देवी पत्नी मंगल चंद सैनी के तीन भाई थे। उनके तीसरे भाई भगवाना राम सैनी (70), निवासी दरीबा का निधन हो गया था। बुधवार सुबह करीब 11 बजे प्रभाती देवी भाई के अंतिम संस्कार में शामिल होने दरीबा पहुंचीं। भाई का शव देखते ही बिगड़ी तबीयत परिजनों के अनुसार भाई का शव देखते ही प्रभाती देवी जोर-जोर से बिलखने लगीं। इसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह अचेत होकर गिर पड़ीं। परिजनों ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। परिजनों ने बताया कि भाई की मौत के सदमे के कारण उन्हें अचानक साइलेंट अटैक आने की बात सामने आई। जिस समय परिवार भगवाना राम के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा था, उसी दौरान प्रभाती देवी की मौत से सभी स्तब्ध रह गए। एक ही दिन भाई-बहन की मौत भगवाना राम सैनी का अंतिम संस्कार बुधवार दोपहर करीब 12 बजे दरीबा में किया गया। वहीं प्रभाती देवी के शव को खादरा लाया गया। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे खादरा गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया। भाई-बहन की एक साथ हुई मौत से पूरे गांव में माहौल गमगीन हो गया। परिजनों के अनुसार प्रभाती देवी जिंदगीभर अपने भाइयों के सुख-दुख में साथ रहीं और आखिरी समय में भी भाई का साथ नहीं छोड़ा। प्रभाती देवी के पांच बेटे हैं। परिवार के अनुसार उनके चार बेटे और तीन बहुएं सरकारी नौकरी में चयनित हैं।