8 साल के मासूम की मां मंदिर के बाहर बैठी नदी को देख रही है। उसकी आंखें यही तलाश रही हैं कि कब बेटा बाहर आएगा। रोते हुए बार-बार एक ही बात कह रही है- ‘मेरा बेटा ढूंढ कर ला दो… कल से गया है… मेरा एक ही बेटा था… मेरा सहारा था… वह अभी छोटा था… अब वह घर वापस नहीं आएगा…’ बांसवाड़ा में मंगलवार को नदी में नाव पलटने से लापता हुए मासूम और युवक का अभी तक पता नहीं चला। रेस्क्यू टीमें दोनों की तलाश में लगी हुई हैं। इधर, नाव में सवार लोकेश तीरगर ने बताया- हम मदद के लिए खूब चिल्लाए किसी ने हमारी मदद नहीं की। जिन्हें तैरना आता था वे बाहर आ गए, जो नहीं जानते थे वे डूब गए। माही नदी में पलटी थी नाव दरअसल, बांसवाड़ा में माही नदी में मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे नाव अनियंत्रित होकर पलट गई थी। हादसा अरथूना थाना क्षेत्र में पांचवाड़ा पंचायत के भैंसाउ गांव में हुआ था। इसमें 11 लोग सवार थे, नाविक सहित 9 लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए। जयेश (21) पुत्र कचरा तीरगर और मानव (8) पुत्र नाथू लापता हो गए। मानव मोटागांव थाना क्षेत्र के चंदूजी का गढ़ा का रहने वाला है। वह भानो का पाड़ा में मामा लालशंकर के घर आया हुआ था और मामा के साथ संगमेश्वर महादेव के दर्शन करने गया था। वहीं, जयेश भानो का पाड़ा का निवासी है। स्थानीय गोताखोरों और सिविल डिफेंस की टीम ने मंगलवार को करीब साढ़े चार घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। अंधेरा होने पर रेस्क्यू ऑपरेशन बंद कर दिया। बुधवार सुबह 6 बजे फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। पिता बोले- बेटा ढूंढ दो और कुछ नहीं चाहिए मानव की मां माया का रो-रोकर बुरा हाल है। मानव के पिता नाथू भी हाथ जोड़कर प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि ‘मेरा बेटा ढूंढ दो… मुझे और कुछ नहीं चाहिए…’ मैं घर पर नहीं थी, दोस्त बेटे को लेकर गए थे जयेश की मां सविता रोते हुए बार-बार कह रही थीं- ‘अरे बाबाजी, कार्रवाई कराओ… मेरा बेटा अभी तक नहीं मिला… मैं घर पर नहीं थी और उसके 7 दोस्त उसे लेकर गए थे।’ वह हाथ जोड़कर प्रशासन से बेटे को जल्द ढूंढने की विनती कर रही थी। नाविक मौका देखते ही भाग गया नाव में सवार लोकेश तीरगर तैरकर बाहर आ गए थे। उसने बताया- मैं अपने दोस्तों के साथ घूमने आया था। सभी लोग नाव में बैठकर नदी पार गए और पुल के पास घूमने के बाद लौट रहे थे। तभी बीच नदी में अचानक नाव असंतुलित हो गई और एक तरफ झुक गई। इससे नाव में पानी भर गया और वह पलट गई। लोकेश ने बताया- दो लोगों को तैरना नहीं आता था, जिसकी वजह से वे डूब गए। हम लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके। नाविक भी सुरक्षित बाहर निकल गया, लेकिन जिम्मेदारी लेने के बजाय मौके से फरार हो गया। हादसे के समय आसपास लोग मौजूद थे, लेकिन कोई भी मदद के लिए आगे नहीं आया। बाहर निकलने के बाद उन्होंने खुद लोगों को घटना की जानकारी दी, तब जाकर एक व्यक्ति ने फोन कर परिवार और अन्य लोगों को सूचना दी। नदी की गहराई ज्यादा, इसलिए आ रही परेशानी डीएसपी बाबूलाल रैगर ने बताया- रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है। SDRF और सिविल डिफेंस की टीम स्थानीय लोगों की मदद से तलाश कर रही हैं। एसडीएम श्रवण सिंह राठौड़ ने बताया कि अभी तक सुराग नहीं लगा है। नदी की गहराई ज्यादा है, इसलिए परेशानी आ रही है। … हादसे से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान-बांसवाड़ा में नदी में नाव पलटी, बच्चे समेत 2 लापता:9 लोग तैरकर बाहर निकले, अंधेरा होने पर रेस्क्यू बंद; लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी राजस्थान के बांसवाड़ा में माही नदी में नाव अनियंत्रित होकर पलट गई। इसमें 11 लोग सवार थे, नाविक सहित 9 लोग तैरकर सुरक्षित बाहर निकल आए। 8 साल का बच्चा और एक युवक लापता है। (पूरी खबर पढ़ें)
