सूदखोरों से परेशान 51 साल के व्यक्ति ने जहर खा कर जान दे दी। उन्होंने अपने साले के नाम एक वीडियो सुसाइड नोट भी छोड़ा है। इसमें कहा- ये वीडियो पुलिस को दिखाना, सूदखोरों से मुझसे ब्याज से ज्यादा रुपए वसूल लिए। अब कोई मुझसे कुछ नहीं मांगता, 12 दिन मेरे बेटे केशव के साथ रहना, परिवार पर आंच मत आने देना। सूदखोरों से मेरे बच्चों को बचाना। वहीं साले ने कहा- सूदखोर, जीजा से मूल राशि से 20 गुना रुपए ले चुके हैं। अब उनको लगातार फोन कर परेशान कर रहे थे। मेरे भांजे-भांजी को भी कॉल कर धमका रहे थे। जीजा ने बदनामी के डर से सुसाइड कर लिया। मामला भीलवाड़ा के सुभाष नगर थाना क्षेत्र के आरसी व्यास कॉलोनी का मंगलवार रात का है। इलाज के दौरान मौत सुभाष नगर थाना प्रभारी कैलाश चन्द्र ने बताया- सूर्य प्रकाश दाधीच (51) भीलवाड़ा निवासी हैं, वे जोधपुर में मरुधरा नर्सिंग कॉलेज में एलडीसी थे। आरके गार्डन में बेहोशी के हाल में वे पड़े मिले थे। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूदखोर परेशान कर रहे थे सूर्यप्रकाश के साले संजय तिवारी ने बताया- मेरे छोटे भाई भरत को एक वीडियो भेजा था। इसमें उन्होंने सूदखोरों से परेशान होने की बात कही थी। बार-बार वो प्रताड़ित हो रहे थे। उन्होंने मेरे छोटे भाई भरत से कहा था- मैं अब मर रहा हूं, सूदखोरों को सजा दिलानी है, वो मेरे परिवार को परेशान कर सकते हैं। आज भी सूदखोर उनके नंबरों पर कॉल कर रहे हैं। बच्चों को धमकियां दे रहे तिवारी ने बताया- उनकी बच्ची और बच्चे के फोन पर धमकी दी जा रही है। अहमदाबाद में जॉब कर रही उनकी बेटी को भी फोन पर धमकियां दे रहे हैं। जिसके चलते वो टेंशन में है और सामाजिक बदनामी के चलते सुसाइड कर रहे है। रुपयों को लेकर हमें कुछ नहीं बताया है। उन्होंने बस इतना बताया था कि मैंने रुपए 20 गुना चुका दिए हैं। हमें जितना वीडियो में है, उतना ही मालूम है। अब पढ़िए वीडियो सुसाइड नोट में क्या कहा- भरत यह वीडियो तेरे लिए है, पुलिस वालों को भी दिखाना। मेरे परिवार को कोई परेशान न करे, न ही मेरा पोस्टमार्टम कराएं। मेरा अंतिम संस्कार भीलवाड़ा में किया जाए और तुम 12 दिन मेरे केशव के साथ रहना और केशव का ध्यान रखना। जो मेरे मांगने वाले हैं उन्होंने मेरे से ब्याज से काफी गुना पैसे दे दिया है। मेरे में कोई कुछ भी नहीं मांगता है। मेरे परिवार का ध्यान रखना, इन पर कोई आंच मत आने देना, इनकी रक्षा करना।
