कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं की तबीयत बिगड़ गई। परिजन और रिश्तेदारों की गोद में नवजात रोते-बिलखते रहे। वहीं तबीयत ज्यादा खराब होने पर एक महिला की मौत हो गई। एक महिला की डिलीवरी के 4 घंटे बाद तबीयत बिगड़ गई। महिला की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया, लेकिन तब तक एक के बाद एक पांच महिलाओं की तबीयत भी ज्यादा बिगड़ने लगी। ब्लड प्रेशर लो हो गया, प्लेटलेटस गिरने लगी और यूरिन आना बंद हो गया। महिलाओं की स्थिति लगातार गंभीर होने लगी, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन में हडकंप मच गया। महिलाओं को रातों रात एसएसबी ब्लॉक के नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती कर इलाज शुरू किया गया। बुधवार सुबह मामला सामने आने के बाद विधायक, जनप्रतिनिधि भी अस्पताल पहुंचने लगे। भास्कर ने इन महिलाओं के परिवारों से बात की, एक्सपर्टस से बात कर जानने की कोशिश की कि सीजेरियन के बाद आखिर स्थिति कहां खराब होने लगी। रिश्तेदारों ने बताया कि प्रसूताओं की हालत खराब होने लगी, लेकिन उसके बाद भी उन्हें संभालने वाला कोई नहीं था। जांच के लिए परेशान किया जा रहा था। स्थिति ज्यादा गंभीर हुई तब आनन-फानन में एसएसबी में लाया गया और मीडिया के हॉस्पिटल पहुंचने के बाद डॉक्टर्स के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। आईसीयू में भर्ती पांच महिलाओं में ज्योति की तबीयत अभी भी गंभीर बनी हुई है। रिश्तेदारों की गोद में बिलखते रहे नवजात अस्पताल के एसएसबी ब्लॉक में पहुंचने पर भावुक कर देने वाला नजारा सामने आया। जहां मासूम नवजात अपने रिश्तेदारों की गोद में बिलख रहे थे। एसएसबी वार्ड के चौथे फ्लोर पर नेफ्रो आईसीयू के बाहर तीमारदार (परिजन) बैठे हुए थे, जिनके हाथों में मासूम नवजात थे। इन बच्चों की मां अंदर आईसीयू में गंभीर हालत में भर्ती हैं। रिश्तेदार इन नवजात बच्चों को चुप कराने की कोशिश करते नजर आए, कोई गोद में लेकर इधर-उधर घूम रहा था, तो कइयों का अस्पताल प्रशासन के खिलाफ गुस्सा साफ दिख रहा था। जिंदगी की जंग लड़ रही रागिनी आईसीयू में भर्ती इटावा की रागिनी (29) की डिलीवरी चार मई को हुई थी। बच्चा होने के बाद उसकी शक्ल तक नहीं देख पाई। अब खुद की जिंदगी के लिए जंग लड़ रही है। वहीं रागिनी का भाई रोते बच्चे को गोद में लेकर चुप कराने की कोशिश करता नजर आया। भाई विकास ने बताया कि मेरी बहन को ऑपरेशन के कुछ देर बाद दिक्कत होना शुरू हो गई। हम परिवार वाले नवजात को संभाल रहे हैं, अभी तक कुछ पता नहीं है, कि क्या होगा। हमें सिर्फ यही कहा जा रहा है कि किडनी में दिक्कत है। एक साथ सभी मरीजों की किडनी में कैसे दिक्कत हो गई। सुबह डिलीवरी, चार घंटे बाद तबीयत बिगड़ी अस्पताल में भर्ती रागिनी (29) के पति लोकेश ने बताया कि चार मई को सुबह सात बजे हम रागिनी को लेकर अस्पताल आ गए थे। सुबह 11 बजे उसे ओटी में लिया और सीजेरियन से डिलीवरी हुई। 12 बजे के आस-पास उसे ओटी से बाहर निकाल लिया गया था और गायनिक वार्ड में भर्ती कर लिया गया। इस दौरान शाम चार बजे तक तो यूरिन बना था, लेकिन उसके बाद से यूरिन बनना बंद हो गया। वार्ड में लाए जाने के बाद ट्रीटमेंट हुआ, उसके बाद से उसकी हालत खराब होने लगी। फ्लूड दिया गया, दवाएं भी दी, लेकिन उसका ब्लड प्रेशर कम होने लग गया। इस दौरान डॉक्टर आ और जा रहे थे, हमने कहा कि ये दिक्कत हो रही है, तो पहले तो चैक करते रहें और ट्रीटमेंट करते रहें। हम पूछते तो कोई कुछ बता नहीं रहा था। चार को रात तक ऐसे ही रखे रखा गया। फिर रात दो बजे हमसे कहा कि इनके यूरिन नहीं आ रहा है, जांच करवानी पडे़गी। जांच करने से किया मना लोकेश ने बताया कि हम सैंपल लेकर जांच के लिए गए तो जांच केन्द्र में मना कर दिया गया, कि अभी कोई जांच नहीं होगी। हमने कहा कि अंदर पेशेंट की हालत खराब है, जांच जरूरी है तब भी मना कर दिया गया कि जांच सुबह ही होगी। जब लौटकर वार्ड में आए तो कहा कि इमजरेंसी में जाकर डॉक्टर से बात करो। इमजरेंसी में गए तो वहां भी कोई पुख्ता जवाब नहीं मिला। पांच मई की सुबह एक महिला की मौत हो गई। इसके बाद ये डॉक्टर्स और स्टाफ हरकत में आया। जांचें हुई, इसके बाद ट्रीटमेंट शुरू किया गया। बाद में कहा गया कि किडनी में दिक्कत है। इसके बाद रात को एसएसबी ब्लॉक में शिफ्ट कर दिया। एसएसबी ब्लॉक तक पैदल लेकर आए आईसीयू में भर्ती काकरिया निवासी चंद्रकला (30) के पति राकेश ने बताया कि रविवार देर रात करीब एक बजे वह अस्पताल में चंद्रकला को लेकर आए थे। सोमवार तड़के करीब 3.30 बजे ऑपरेशन से बच्ची हुई थी। ऑपरेशन रूम से बाहर निकालने के बाद वार्ड में लेकर आए। तीन-चार घंटे बाद उसकी तबीयत खराब होने लग गई। उसके यूरिन आना बंद हो गया। फिर डॉक्टरों ने मंगलवार को जांचें करवाई तो किडनी में इंफेक्शन का पता चला। राकेश ने बताया कि मंगलवार रात 10 बजे हमसे कहा कि एसएसबी वार्ड में शिफ्ट करेंगे। हम मरीज को यहां तक पैदल लेकर आए, इसके बाद अभी तक कोई जवाब देने वाला नहीं कि क्या हो रहा है, कब तक ठीक होंगे। कोई कुछ नहीं बता रहा। अभी भी यूरिन नहीं बन रहा है। संजय नगर निवासी धन्नी (32) के भाई कुशाल ने कहा- हमें तो अभी कोई रिकवरी होती नहीं दिख रही है। अभी भी स्थिति खराब ही है। कोई जवाब नहीं दे रहा है। बस यही कह रहे हैं कि किडनी में दिक्कत है। ये अस्पताल की दवाइयों की वजह से हुआ है। 12 ऑपरेशन हुए, 6 की हालत बिगड़ी दरअसल, कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में चार मई को अस्पताल के ओटी में 12 महिलाओं के सीजेरियन हुए थे। इनमें से 6 की ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ गई। सभी मामलों में यही बात सामने आ रहा है कि एक सभी महिलाओं के सीजेरियन हुए और सभी की चार घंटे अंदर तबीयत खराब होने लगी। इस दौरान इन महिलाओं को बोलत भी चढ़ाई गई और एंटी बायोटिक्स भी दी गई थी। एक्सपर्ट बोले- ऐसा दवाओं की वजह से हुआ मामले को लेकर भास्कर टीम ने गायनिक डॉक्टर रितिका माथुर से बात की तो उन्होंने बताया कि जिस तरह से सिम्टम्प बता रहे हैं, उससे ये तो साफ है कि सीजेरियन के दौरान कोई दिक्कत नहीं हुई है। सीजेरियन में ऐसा भी नहीं होता कि किडनी पर कोई ज्यादा प्रेशर पड़ रहा हो। किडनी में दिक्कत होना, बीपी लो और यूरिन नहीं बनना, ये या तो फ्लूड में कोई दिक्कत या फिर दवाओं में, यानी एंटी बायोटिक्स की वजह से हो सकती है। हालांकि स्थिति तो इनकी जांच के बाद ही क्लियर हो सकती है, लेकिन सिर्फ ऑपरेशन के बाद ऐसी स्थिति हो जाए ये संभव नहीं है। वहीं मेडिकल कॉलेज प्रिसिंपल डॉ.नीलेश जैन ने बताया कि- हम फ्लूड और दवाओं की भी जांच करवाएंगे। जांच कमेटी जो बनी है, वह कारणों पर रिपोर्ट देगी। जांच कमेटी बनाई प्रिसिंपल डॉ. नीलेश जैन ने बताया कि- हम अलग-अलग कारण मान रहे हैं, लेकिन उनके काट भी सामने आ रहे है। मान लें कि फ्लूड या दवाइयों की वजह से ऐसा हुआ है तो अन्य मरीजों में इसका असर क्यों नहीं हुआ। ऐसे में स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल सकता। जांच के बाद ही कारण स्पष्ट हो सकेंगे। एक मरीज पायल की मंगलवार सुबह मौत हो गई थी। उसकी जांच के लिए भी टीम गठित की गई है। हमारे लिए भर्ती मरीजों को रिकवर करना जरूरी है। तीन से चार दिन तक निगरानी में रखना जरूरी है, क्योंकि अभी इन्हें खतरे से बाहर नहीं कहा जा सकता है। गायनिक वार्ड को भी खाली करवा लिया है और इंफेक्शन की आशंका के चलते उसे भी सैनेटाइज करवाया गया है। ———— ये खबर भी पढ़िए… मरीजों से मिलने पहुंचे विधायक लिफ्ट में फंसे:कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में 6 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी, एक की मौत कोटा के सरकारी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद 6 महिलाओं (प्रसूताओं) की तबीयत बिगड़ गई। कुछ ही देर बाद एक महिला ने दम तोड़ दिया। एक अन्य महिला की स्थिति गंभीर बनी हुई है। (पढ़िए पूरी खबर)