जयपुर में महिला ने 8 साल के बेटे को गोद में लेकर ट्रेन के आगे कूदकर सुसाइड कर लिया। रेलवे ट्रैक के पास मां-बेटे के शव क्षत-विक्षत हालत में पड़े मिले। पहचान नहीं होने पर पुलिस ने शवों को महात्मा गांधी हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। पीहर वाले रविवार को मालपुरा गेट थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाने पहुंचे तो घटना के बारे में पता चला। मृतका के भाई ने ससुरालवालों पर बहन को टॉर्चर करने का आरोप लगाया, आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करवाया। SHO (मालपुरा गेट) उदयभान यादव ने बताया- शिकारपुरा फाटक स्थित रेलवे ट्रैक के पास शनिवार देर शाम 7 बजे एक महिला और बच्चे का शव क्षत-विक्षत हालत में पड़ा मिला था। मां-बेटे के सुसाइड की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रथमदृष्टया बेटे को गोद में लेकर मां के ट्रेन के आगे छलांग लगाकर सुसाइड करने की बात सामने आई। ढूंढते हुए पहुंचे परिजन पुलिस ने बताया- रविवार दोपहर करीब 3 बजे टोंक के पीपलू निवासी भागचन्द अपनी बहन और भांजे की गुमशुदगी दर्ज करवाने मुहाना थाने पहुंचे। तो पुलिस ने क्षत-विक्षत हालत में मालपुरा गेट इलाके में मिले महिला और 8 साल के बच्चे के शव के फोटो दिखाए। जिसके आधार पर मृतकों की पहचान मुहाना गांव निवासी रामकन्या बैरवा (32) पत्नी रामदयाल और उसके बेटे विरेन्द्र (8) के रूप में हुई। भागचन्द ने बताया- रामकन्या अपने पति रामदयाल और बेटे विरेन्द्र के साथ मुहाना गांव स्थित ससुराल में रहती थी। शनिवार शाम करीब 4 बजे भांजे को लेकर बहन घर से चली गई। पति रामदयाल ने फोन करके हमें बताया। इस पर हम लोग दोनों को ढूंढ रहे थे। सुसरालवाले करते थे परेशान भागचन्द ने पुलिस को बताया- रामकन्या की शादी करीब 15 साल पहले रामदयाल के साथ हुई थी। दोनों के दो बेटे हैं। रामदयाल एक प्राइवेट कंपनी में जॉब करता है। बड़ा बेटा 10 साल का है, जो हमारे साथ अपने ननिहाल में रहता है। शादी के बाद से ही रामदयाल आए दिन नशा कर मेरी बहन से झगड़ा करता था। एक महीने पहले बहन को अपने साथ गांव ले गया था। 15 दिन पहले ससुराल वाले आए और दोबारा मारपीट नहीं करने का आश्वासन देकर अपने साथ ले गए। बहन के ससुराल जाने पर पति रामदयाल मारपीट करने लगा। ससुर ने कहा- मर जाएगी तो क्या फर्क पड़ता है भाई भागचंद ने बताया- रामकन्या के ससुर सीताराम ने मेरी बड़ी बहन विमला को कॉल कर कहा था- मेरे दो पोते हैं। अगर रामकन्या मर भी जाएगी तो मेरे क्या फर्क पड़ता है। मैं दूसरी बहू ले आऊंगा। हमारा पोता हमारे पास है। पति के साथ ही सुसरालवालों के टॉर्चर से परेशान होकर रामकन्या ने ये कदम उठाया। पुलिस ने भागचंद की शिकायत पर ससुरालवालों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। सोमवार को पुलिस ने महात्मा गांधी हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिए।
