भरतपुर में SHO की लापरवाही से 13 साल की रेप पीड़िता को न्याय नहीं मिला। पॉक्सो के मामले में 75 साल रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी जमानत पर बाहर आ गया। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि आरोपी पक्ष ने उन्हें डराकर बयान बदलवा लिए। पुलिस ने भी आरोपियों का साथ दिया। SHO ने रेप का वीडियो और बच्ची के कपड़े कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश नहीं किए। बच्ची के 10 साल के भाई ने छुपकर रेप का वीडियो भी बनाया था और परिजनों के आने पर इसे दिखा कर पूरी घटना बताई थी। कोर्ट के कहने पर बच्चे ने फोन से वकीलों के वीडियो बना कर इसकी पुष्टि भी की। याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने SHO को फटकार लगाते हुए मेडिकल कराने के आदेश दिए। बच्ची आरोपी को सजा दिलाने के लिए मेडिकल करवाने के लिए 1 महीने तक नहीं नहाई थी। सबूतों के साथ अब अगली सुनवाई 15 मई को होगी। मामला भरतपुर के पॉक्सो कोर्ट 1 का है। अब 3 पॉइंट्स में समझिए घटना की टाइमलाइन भाई ने बनाया वीडियो: पीड़िता के वकील विवेक हथैनी ने बताया- मामला 31 मार्च 2026 का है। 75 साल के व्यक्ति ने 13 साल की नाबालिग के साथ रेप किया। घटना के दौरान नाबालिग का भाई घर पर था। उसने छिपकर ये वीडियो मोबाइल में बना लिया। घटना के दौरान नाबालिग का पिता मजदूरी करने के लिए बाहर गया हुआ था। वहीं मां अपने 2 बच्चों के साथ जंगल में लकड़ियां लेने गई हुई थी। जैसे ही नाबालिग की मां घर पर आई तो, नाबालिग के भाई ने अपनी मां को वीडियो दिखा कर सारी घटना के बारे में बताया। अगले दिन मामला दर्ज: पीड़िता के वकील विवेक हथैनी ने बताया- 1 अप्रैल को नाबालिग के परिजनों ने पुलिस में मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की लेकिन, थाना अधिकारी ने फाइल में रेप का वीडियो नहीं लगाया। साथ ही नाबालिग का मेडिकल भी नहीं करवाया गया। सबूतों के अभाव में आरोपी को जमानत: 18 अप्रैल को आरोपी को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद 20 अप्रैल को उसे कोर्ट में पेश कर दिया गया। यहां सबूतों के भाव में आरोपी को जमानत मिल गई। इसके 2 दिन बाद 22 अप्रैल को पीड़िता का परिजन वकील विवेक हथैनी से मिले। उन्होंने विवेक को पूरा घटनाक्रम बताया। अब पढ़िए कोर्ट में क्या हुआ पीड़िता के परिवार को धमकाया वकील हथैनी ने बताया कि इसके बाद हमने एक याचिका कोर्ट में लगाई। इसमें पीड़िता ने जज के सामने कहा कि उन्हें धमका कर 164 के बयान बदलवाए गए। न तो मेडिकल हुआ न ही उसके कपड़े सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किए। SHO बोला- आईजी या एसपी कहें तो मेडिकल करवा देंगे हथैनी ने बताया- इसके बाद कोर्ट ने SHO को तलब कर इसके बारे में पूछा। तो SHO की ओर से कहा गया कि पीड़िता मेडिकल के लिए मना कर चुकी है। ऐसे में, वह मेडिकल नहीं करवा पाएगा। आईजी या एसपी कह दें तो वह मेडिकल करवा लेंगे। कोर्ट ने कहा- आप मेडिकल करवाएं हथैनी ने बताया- इसके बाद कोर्ट ने SHO को फटकार लगाते हुए कहा- कोर्ट के आदेश पर आप मेडिकल करवाएं और सबूत के तौर पर जब्त किए नाबालिग के कपड़े भी पेश करें। इसके बाद आईजी के कहने पर थाने में रखे कपड़े मेडिकल के लिए भेजे गए। इसके साथ ही 1 मई को नाबालिग का मेडिकल हुआ है। जज ने भाई से वीडियो बनवा कर देखा हथैनी ने बताया- 10 साल के भाई के वीडियो बनाने के सवाल पर पॉक्सो कोर्ट 1 भरतपुर के जज गिरजेश ओझा ने नाबालिग के भाई को फोन देकर उसे वीडियो बनाने के लिए कहा। नाबालिग के 10 साल के भाई ने फोन से कोर्ट रूम और वकीलों के वीडियो बना कर दिखाए। इसके बाद कोर्ट ने वीडियो बनाने की प्रक्रिया भी पूछी। हथैनी ने बताया- अब मामले में भरतपुर सीओ जांच कर रहे हैं। पुलिस दोबारा से मामले को कोर्ट के सामने पेश करेगी।
