भिवाड़ी. आठ साल में प्रदेश में सरकार बदली, संयुक्त अलवर जिला और खैरथल जिले में दर्जनों वरिष्ठ अधिकारी बदले लेकिन नहीं बदला फायर चेसिस का हाल। करीब आठ साल से फायर टेंडर निर्माण के लिए खड़े चेसिस अब कबाड़ हो चुके हैं। विभागीय अधिकारी भी इन्हें अब किसी उपयोग लायक नहीं मान रहे हैं। नगर परिषद ने मई 2018 में टेंडर जारी कर दमकल वाहनों के लिए छह नए चेसिस खरीदे थे। बीएस फॉर फायर चेसिस खरीदने के बाद इनमें फायर टेंडर निर्माण के बाद पंजीयन नंबर प्राप्त करने थे लेकिन नगर परिषद को बीडा ने राशि स्वीकृत नहीं की, जिसकी वजह से चेसिस खड़े रहे। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने बीएस फॉर वाहनों के पंजीयन पर रोक लगा दी। नगर परिषद ने क्षेत्र में आग बुझाने के लिए बीडा द्वारा दिए गए फायर सेस के 1.20 करोड़ रुपए से फायर चेसिस खरीदे थे। फायर चेसिस खरीदने के बाद परिषद ने फायर सेस कोष से ही इन चेसिस के ऊपर फेब्रिकेशन का काम कराने के लिए बीडा से राशि मांगी लेकिन राशि नहीं मिली, जिसकी वजह से इन फायर चेसिस का पंजीयन नहीं हो सका। तभी से ये फायर चेसिस नगर परिषद के अग्निशमन केंद्र में खड़े हुए हैं। पहले ये फायर चेसिस स्टेशन के अंदर छांव में खड़े थे लेकिन नगर परिषद को डीएलबी से हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म और अन्य दमकल वाहन मिल जाने के बाद उन्हें छत के नीचे खड़ा किया जाने लगा है। करीब तीन साल से ये चेसिस खुले में खड़े होने की वजह से खराब हो रहे हैं। अग्निशमन केंद्र में जहां इन फायर चेसिस को खड़ा किया गया है, वहां पर अब घास-फूस भी फायर चेसिस के बराबर उग आई है।