चार साल पहले नमक कारोबारी और हिस्ट्रीशीटर जयपाल पूनिया की हुई हत्या के मामले में कोर्ट ने पूर्व विधायक के भाई समेत 9 को दोषी करार दिया है। इस मामले में शनिवार, 25 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी। दरअसल, डीडवाना-कुचामन के नावां में जयपाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। बोलेरो में आए बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। इस मामले को लेकर शुक्रवार को एडीजे कोर्ट ने सजा सुनाते हुए 11 में से 9 आरोपियों को दोषी करार दिया है। इस मामले में तत्कालीन विधायक और कांग्रेस सरकार में उपमुख्य सचेतक रहे महेंद्र सिंह चौधरी के बड़े भाई मोती सिंह को भी दोषी करार दिया गया है। 9 दोषी, 2 को मिला संदेह का लाभ एडीजे कोर्ट के न्यायाधीश सुंदरलाल खारोल ने मामले की सुनवाई करते हुए मोती सिंह सहित 9 आरोपियों रणजीत, मोती सिंह (तत्कालीन विधायक महेंद्र सिंह चौधरी के भाई), फिरोज खान, हारून, संदीप, तेजपाल, राजेश और कृष्ण कुमार को हत्या का दोषी माना है। वहीं, मामले में नामजद दो अन्य आरोपियों कुलदीप और हनुमान सैनी को पर्याप्त सबूतों के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया है। अपर लोक अभियोजक मनीष शर्मा के अनुसार, न्यायालय ने आरोपियों को विभिन्न धाराओं के तहत दोषी सिद्ध कर दिया है, लेकिन सजा की अवधि पर फैसला सुरक्षित रखा है। शनिवार को सजा के बिंदु पर अंतिम सुनवाई के बाद स्पष्ट होगा कि दोषियों को कितनी सजा दी जाएगी। फैसले के बाद सभी दोषियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। तीन दिन बाद आरोपियों को किया था गिरफ्तार घटना के तीन दिन बाद ही 17 मई 2022 को पुलिस ने तत्कालीन विधायक के भाई मोती सिंह सहित 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए गठित की गई एसआईटी (SIT) और क्राइम ब्रांच ने जांच आगे बढ़ाई और जून 2022 तक अन्य शूटरों और षड्यंत्रकारियों को भी पकड़ लिया गया था। 15 जून 2022 तक की रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस ने इस मामले में कुल 8 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया था। कुछ आरोपी घटना के बाद फरार हो गए थे, जिन पर पुलिस ने इनाम भी घोषित किया था। बाद में उन्हें अलग-अलग स्थानों से दबोचा गया था। ये था पूरा मामला गौरतलब है कि 14 मई 2022 को नावां सिटी के तहसील रोड पर रेलवे फाटक के पास जयपाल पूनिया की ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। 4-5 हमलावर बोलेरो गाड़ी से आए थे। बोलेरो से उन्होंने व्यापारी की कार का रास्ता ब्लॉक किया और इसके बाद नीचे उतारकर कार के शीशे तोड़े और व्यापारी पर ताबड़तोड़ फायर कर दिए थे। फायरिंग के बाद हमलावर मौके से भाग गए थे। पुलिस घायल व्यापारी को नावां हॉस्पिटल ले गई थी, जहां से डॉक्टरों ने जयपुर रेफर कर दिया। रास्ते में व्यापारी ने दम तोड़ दिया था। इस हत्याकांड ने पूरे प्रदेश में तूल पकड़ा था और तत्कालीन विधायक के भाई मोती सिंह का नाम सामने आने के बाद लंबे समय तक आंदोलन चला था। सीबीआई जांच की मांग के बीच चले इस कानूनी घटनाक्रम में अब जाकर न्यायालय का यह महत्वपूर्ण निर्णय आया है। इस मामले में सामने आया था कि मर्डर से पहले मुख्य आरोपी मोती सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर जयपाल पूनिया की रेकी की थी। इसके बाद रणजीत समेत 6 शार्प शूटर्स को लोकेशन देकर फायरिंग के लिए भेज दिया। फायरिंग के बाद शार्प शूटर्स भाग गए थे इसके बाद जब पूनिया को जयपुर रेफर किया गया, तो भी मोती सिंह ने उसका पीछा किया था। वह जानना चाह रहा था कि जयपाल जिंदा है या फिर मर गया। ये खबर भी पढ़ें… नमक कारोबारी की गोली मारकर हत्या:बोलेरो में आए थे 4-5 हमलावर, कार को रोककर ताबड़तोड़ फायरिंग की नमक कारोबारी जयपाल पूनिया की गोली मारकर हत्या करने का मामला सामने आया है। कारोबारी को बीच रास्ते रोककर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। फायरिंग के बाद बोलेरो गाड़ी सवार हमलावर फरार हो गए। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
