बिहार के सत्ताधीशों के भ्रष्टाचार को जनता के बीच ला रहे प्रशांत किशोर के सामने अजीब स्थिति बन गई है. जदयू नेता अशोक चौधरी ने प्रशांत किशोर के भ्रष्टाचार आरोपों के खिलाफ कानूनी लड़ाई छोड़कर जनता की अदालत में जाने का फैसला किया है. पहले 100 करोड़ का नोटिस भेजने वाले चौधरी ने अचानक यू-टर्न ले लिया है. अब सवाल ये है कि क्या प्रशांत किशोर खुलासे करना बंद कर देंगे?