भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर ने संगरूर में जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर (डीएफएससी) दफ्तर के सामने धरना प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन गेहूं खरीद में हो रही देरी और मंडियों में अव्यवस्था के विरोध में किया गया। इस दौरान यूनियन के जिला महासचिव रण सिंह ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। रण सिंह ने कहा कि भगवंत सिंह मान सरकार ने 1 अप्रैल से गेहूं की खरीद शुरू करने और एक-एक दाना उठाने का दावा किया था, लेकिन 15 अप्रैल तक भी मंडियों में सरकारी खरीद ठीक से शुरू नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि पिछले 10 दिनों से पंजाब की शहरी और ग्रामीण मंडियां गेहूं से खचाखच भरी हुई हैं। इसके अतिरिक्त, आढ़तियों के निजी गोदाम और साइलो भी गेहूं से लदे हुए हैं। यूनियन ने मंडियों में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भी सवाल उठाए। रण सिंह के अनुसार, मंडियों में पीने के पानी, शौचालय और सफाई का कोई उचित इंतजाम नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों और मजदूरों को ये सुविधाएं प्रदान करने के नाम पर हर मार्केट कमेटी क्षेत्र में लाखों रुपये के ठेके दिए जा रहे हैं, जिससे भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। किसान नेता बोले- खरीद नियमों में ढील दी जाए किसानों ने सरकार को चेतावनी दी कि पंजाब सरकार तुरंत मंडियों में सरकारी खरीद शुरू करे और किसानों के अनाज की खरीद का तत्काल इंतजाम करे। उन्होंने यह भी मांग की कि राजस्थान में फसल खराब होने के बाद गेहूं खरीद के दौरान खराब अनाज के लिए दी गई छूट की तर्ज पर पंजाब में भी खरीद नियमों में ढील दी जाए। धरने के दौरान मौके पर पहुंचे जिला फूड सप्लाई कंट्रोलर गुरप्रीत सिंह कंग ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि हाल ही में हुई बारिश के कारण गेहूं की गुणवत्ता जांचने के लिए केंद्रीय टीमों ने नमूने लिए थे, जिसके कारण खरीद में देरी हुई। उन्होंने कहा कि खरीद के लिए ‘शॉट’ दिया जा चुका है। कंग ने आगे बताया कि आज से जिले की कई मंडियों में खरीद शुरू हो गई है और बारदाना (बोरे) भी पहुंचना शुरू हो गया है। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि गेहूं की खरीद को लेकर उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत नहीं आने दी जाएगी। उन्होंने अपील की कि यदि किसी खरीद केंद्र पर खरीद शुरू न होने या बारदाना न आने की समस्या सामने आती है, तो उनके ध्यान में लाया जाए ताकि तुरंत खरीद शुरू की जा सके।