जयपुर स्थित निमिक अस्पताल के निदेशक डॉ. सोन देव बंसल की गिरफ्तारी के विरोध में टोंक में भी सोमवार को निजी अस्पतालोंं के डॉक्टरों ने काम बंद रखा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन टोंक के सचिव डॉ. राजीव बंसल ने बताया कि मेडिकल बोर्ड द्वारा जब तक जांच में दोषी नहीं ठहराया जाता, तब तक गिरफ्तारी नहीं की जा सकती। टोंक में सुबह 8 बजे से प्राईवेट हॉस्पिटल बंद हैं। कार्रवाई को अनुचित बताया डॉक्टर बंसल ने बताया कि अभी तक संबंधित प्रकरण में गठित मेडिकल बोर्ड द्वारा किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय लापरवाही नहीं सामने नहीं आई है। इसके बावजूद आरजीएचएस से संबंधित कथित लघु अनियमितताओं के आधार पर एक प्रतिष्ठित चिकित्सक के विरुद्ध आपराधिक कार्रवाई अनुचित है। बल्कि यह सम्पूर्ण चिकित्सकीय समुदाय के सम्मान एवं मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कदम है। बिना किसी ठोस आपराधिक आधार के इस प्रकार की गिरफ्तारी चिकित्सकीय पेशे की गरिमा के विरुद्ध है। इससे भविष्य में चिकित्सकों के स्वतंत्र एवं निष्ठापूर्वक कार्य करने में गंभीर बाधाएं उत्पन्न होंगी। बोले- सामूहिक कदम उठाए जाएंगे इस विषय पर आईएमएए राजस्थान द्वारा एक आपात बैठक आयोजित की गई, जिसमें राज्य की विभिन्न शाखाओं के पदाधिकारियों एवं अन्य चिकित्सा संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। व्यापक विचार.विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इस प्रकार की कार्रवाई के विरोध में सामूहिक कदम उठाया जाएगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन राजस्थान के आव्हान पर आज से दो दिन सुबह 8 बजे से तक राज्य की समस्त निजी चिकित्सा सेवाएं पूर्णत: बंद रही। इस दौरान इमरजेंसी सेवाएं भी स्थगित रही, जिसमें निजी चिकित्सालय, मेडिकल कॉलेज, पैरामेडिकल सेवाएं एवं अन्य संबंधित चिकित्सा सुविधाएं शामिल हुई।
