कपूरथला की न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (जेएमआईसी) कोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में नताशा बहल को बरी कर दिया है। यह मामला शिकायतकर्ता पियारा लाल ने नताशा के खिलाफ नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के तहत 5 लाख रुपये के चेक से संबंधित दायर किया था। आरोपी पक्ष के वकील चंद्र शेखर ने कोर्ट को बताया कि संबंधित चेक न तो नताशा बहल के खाते से जारी किया गया था और न ही वह उस फर्म की अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता थीं जिससे चेक जुड़ा था। कोर्ट में दोनों पक्षों ने रखे अपने पक्ष कोर्ट ने सुनवाई के दौरान प्रस्तुत बैंक रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया। इसके बाद कोर्ट ने पाया कि संबंधित फर्म का मालिक आरोपी का पति है। इस आधार पर, कोर्ट नताशा बहल की सीधी देनदारी साबित नहीं कर सकी। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी के खिलाफ कोई कानूनी देनदारी सिद्ध नहीं हुई है। साथ ही, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट की धारा 138 के आवश्यक तत्व भी पूरे नहीं होते। इन्हीं तथ्यों के आधार पर कोर्ट ने नताशा बहल को आरोपों से मुक्त कर दिया।