मानसा जिले के गांव हमीरगढ़ ढैपई में बिजली की ढीली तारों के कारण एक किसान की दो एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। इस घटना के बाद किसानों ने पीड़ित किसान के लिए मुआवजे की मांग की है। भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) के जिला प्रधान महिंदर सिंह भैणीबाघा ने बताया कि गांव ढैपई में ढीली बिजली तारों के कारण किसान गुरचरण सिंह की खड़ी गेहूं की फसल आग की भेंट चढ़ गई। बिजली विभाग की लापरवाही से घटना उन्होंने बताया कि किसान गुरचरण सिंह की लगभग दो एकड़ गेहूं की फसल आग लगने से पूरी तरह जलकर राख हो गई। भैणीबाघा ने आरोप लगाया कि बिजली विभाग को ढीली तारों के बारे में कई बार सूचित किया गया था, लेकिन विभागीय कर्मचारियों ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। घटना के काफी समय बाद भी कोई सरकारी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे किसानों में रोष है। प्रभावित किसान गुरचरण सिंह ने यह जमीन लगभग 90 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से ठेके पर ली हुई थी। धान की फसल बारिश से हुई थी खराब किसान नेता ने यह भी बताया कि इससे पहले भी गुरचरण सिंह की धान की फसल पानी में खराब हो गई थी, लेकिन तब भी उन्हें कोई मुआवजा नहीं मिला था। अब दोबारा हुए इस नुकसान से किसान के सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि हर साल बिजली विभाग की लापरवाही के कारण हजारों एकड़ फसल जल जाती है, लेकिन किसानों को न्याय के लिए केवल दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। मुआवजा नहीं दिया तो करेंगे प्रदर्शन भारतीय किसान यूनियन (एकता डकौंदा) ने मांग की है कि पीड़ित किसान को जल्द से जल्द गेहूं की फसल का उचित मुआवजा बिजली विभाग द्वारा दिया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो वे संघर्ष करने के लिए मजबूर होंगे। इस मौके पर जगजीत सिंह धलेवां, मख्खन सिंह धलेवां, राजपाल सिंह और इकबाल सिंह फफड़े सहित कई अन्य किसान नेता और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
