केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 12 अक्टूबर को जयपुर आएंगे। वे यहां दुनिया की पहली और एकमात्र इंटरनेशनल लेवल की नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी (NFSU) के कैंपस का उद्घाटन करेंगे। NFSU गुजरात के गांधीनगर में 2020 से संचालित है। नेशनल फोरेंसिक साइंस यूनिवर्सिटी का राजस्थान में यह पहला कैंपस है, जो जयपुर के प्रताप नगर कोचिंग हब के टावर-8 में अस्थायी रूप से 40 कमरों में तैयार किया गया है। इस कैंपस में फोरेंसिक एक्सपर्ट तैयार किए जाएंगे, साथ ही सैन्य सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी और हाई-प्रोफाइल क्राइम से जुड़ी जांचों में भी अहम भूमिका निभाएगा। यूनिवर्सिटी के स्थायी कैंपस के लिए दिल्ली रोड स्थित दौलतपुरा में 50 एकड़ जमीन मंजूर की गई है। अमित शाह स्थायी कैंपस का भी शिलान्यास करेंगे। 12 जून 2025 को अहमदाबाद में हुए विमान हादसे में मृतकों की पहचान में इस यूनिवर्सिटी ने बड़ी भूमिका निभाई थी। यूनिवर्सिटी ने तीन दिन के अंदर सभी मृतकों की पहचान उनके परिवारजनों का डीएनए टेस्टिंग के जरिए मैच कर दी थी, जबकि केवल एक व्यक्ति की पहचान दस दिन बाद हो पाई थी। तीन कोर्स से होगी शुरुआत पहले चरण में जयपुर कैंपस में एमएससी इन डिजिटल फोरेंसिक एंड इन्फॉर्मेशन सिक्योरिटी, प्रोफेशनल डिप्लोमा इन क्राइम सीन मैनेजमेंट और एमएससी फोरेंसिक साइंस के तीन प्रोग्राम शुरू होंगे। इनमें कुल 80 सीटों पर एडमिशन होंगे। अगले सत्र से एमबीए फोरेंसिक अकाउंटिंग एंड फ्रॉड इंवेस्टिगेशन, एमएससी फोरेंसिक साइकोलॉजी, बीटेक साइबर सिक्योरिटी और बीएससी फोरेंसिक साइंस जैसे कोर्स भी शुरू किए जाएंगे। जयपुर कैंपस की जिम्मेदारी प्रो. शंकर जुनारे को सौंपी गई है। वे टीम के साथ पहले ही प्रतापनगर कोचिंग हब का निरीक्षण कर चुके हैं। यहां टावर-8 में कैंपस का पूरा सेटअप तैयार है और 12 अक्टूबर को गृह मंत्री अमित शाह के आगमन के साथ इसका औपचारिक उद्घाटन होगा। हाई प्रोफाइल मामलों की जांच में मिलेगी मदद एनएफएसयू कैंपस हेड (गुजरात-राजस्थान) प्रो. शंकर जुनारे ने बताया कि जयपुर का यह कैंपस देश का टॉप क्लास फोरेंसिक सेंटर बनेगा। ड्रोन, ड्रग्स और तस्करी जैसी आपराधिक गतिविधियां अक्सर सीमा पार से होती हैं, ऐसे में यह सेंटर बॉर्डर सिक्योरिटी से जुड़े मामलों की जांच में बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि यहां नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध होंगी। साथ ही ईडी, सीबीआई, आईबी और एनआईए जैसी एजेंसियों के अफसरों के साथ-साथ जांच अधिकारी (IO), आईपीएस अधिकारी और सेशन कोर्ट व हाईकोर्ट के जजों के लिए भी ट्रेनिंग प्रोग्राम होंगे। प्रो. जुनारे के अनुसार, कैंपस की लैबोरेट्रीज के टेंडर जारी हो चुके हैं और एक्सपर्ट्स की भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। एडमिशन प्रक्रिया चल रही है। एनएफएसयू के कैंपस नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी का मुख्यालय गांधीनगर (गुजरात) में है। इसके अलावा देश और विदेश में इसके 12 कैंपस और अकादमी संचालित हो रही हैं।