जब हम एक इंच खेत की मेड़ भी भाई खोद देता है तो उसे गंडासी मार देते हैं, जब एक इंच जमीन के लिए भाई को मार देते है तो 76 गांव के हजारों लोगों की जमीं कैसे छोड़ दें।
यह कहना है युवा नेता नरेश मीणा का। सवाई माधोपुर के भूरी पहाड़ी गांव में उन्होंने यह बात की। यहां डूंगरी बांध के विरोध में ग्रामीणों की सभा में नरेश मीणा ने शिकरत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि वे किसी भी कीमत पर डूंगरी बांध नहीं बनने देंगे और ग्रामीणों के आशियाने नहीं उजड़ने देंगे। डूंगरी बांध में एक भी ईंट नहीं लगने देंगे।
डूंगरी बांध को निरस्त करवाने के लिए वह ग्रामीणों के साथ मिलकर पुरजोर तरीके से आंदोलन करेंगे और सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। ‘एक साथ हजारों लोग करेंगे भूख हड़ताल’
नरेश मीणा ने कहा कि सरकार प्रस्तावित डूंगरी बांध बनाकर 76 गांव के लोगों को बेघर करना चाहती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मीणा ने कहा कि डूंगरी बांध के विरोध में होने वाले आंदोलन में जल्द ही वे आगामी दिनों में बड़ा आंदोलन करेंगे और एक साथ हजारों लोग भूख हड़ताल पर बैठेंगे। भाजपा—कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला
उन्होंने कहा कि जब गांधीवादी तरीके से सरकार के द्वारा बनाए जाने वाले डूंगरी बांध का विरोध जब हजारों लोग भूख हड़ताल करेंगे, तब सरकार को झुकना ही पड़ेगा और ग्रामीणों की डूंगरी बांध निरस्त करने की मांग को मानना ही पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि ऐसा आंदोलन करेंगे कि आज तक इस देश के इतिहास में नहीं हुआ होगा। इस दौरान नरेश ने भाजपा व कांग्रेस पर भी जमकर हमला बोला। डूंगरी और भूरी पहाड़ी गांव में लोगों से मिले
टोंक जिले के देवली—उनियारा विधानसभा सीट पर नवंबर-2024 में उपचुनाव के दौरान समरावता गांव में एसडीएम को थप्पड़ मारकर सुर्खियों में आए नरेश मीणा बुधवार को सवाई माधोपुर के डूंगरी और भूरी पहाड़ी गांव पहुंचे। जहां डूंगरी बांध को लेकर ग्रामीणों की ओर से बुलाई गई आकस्मिक आमसभा में नरेश मीणा ने शिरकत की। ‘जब पक्षी घोंसला नहीं छोड़ता तो हम तो इंसान है’
इस दौरान डूंगरी बांध के मुद्दे पर बोलते हुए नरेश मीणा ने ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि डूंगरी बांध को निरस्त करवाने के लिए वह ग्रामीणों के साथ मिलकर पुरजोर तरीके से आंदोलन करेंगे और सरकार से आरपार की लड़ाई लड़ेंगे।
मीणा बोले— मैं वीडियो में देख रहा हूं कि माता बहने कह रही है कि जान दे देंगे, लेकिन गांव नहीं छोड़ेंगे, हम क्यों जमीन छोड़े, जब एक पक्षी अपना घोंसला जान देकर भी नहीं छोड़ता है तो हम तो इंसान है। हमारी पीढ़ी दर पीढ़ियां यहां रही है, इसे कैसे छोड़ दें। सांसद हरीशचंद्र मीणा पर साधा निशाना
सभा को संबोधित करते हुए नरेश मीणा ने टोंक-सवाई माधोपुर सांसद हरीशचंद्र मीणा पर भी जमकर हमला बोला। कहा कि भाजपा के लोग तो इस आंदोलन में नहीं आएंगे, लेकिन कांग्रेस के सांसद और सवाई माधोपुर, खंडार से चुनाव लड़ने वाले नेता कहां है।
नरेश ने कहा कि पिछली महापंचायत में जो पंचायत चुनाव का बहिष्कार करने का निर्णय लिया गया है। उससे तो अच्छा ये है कि आप लोग उन नेताओं का बहिष्कार करो, जो आप के इस आंदोलन में आपका साथ नहीं दे रहे‌ है। 76 गांवों की पैदल यात्रा करेंगे
नरेश मीणा ने कहा कि वह ग्रामीणों के साथ मिलकर डूंगरी बांध को निरस्त करने की मांग को लेकर डूंगरी बांध रद्द करो पैदल यात्रा निकालेंगे। इस पैदल यात्रा में उन सभी 76 गांवों के ग्रामीण शामिल होंगे जो डूंगरी बांध के डूब क्षेत्र में आ रहे है। यह पैदल यात्रा सभी 76 गांवों में जायेगी। विश्व का सबसे बड़ा अनशन होगा
उन्होंने कहा कि अगर डूंगरी बांध संघर्ष समिति की कमेटी इससे लेकर सहमत हैं तो वे 15 दिन तक इस पैदल यात्रा में चलेंगे और यात्रा का समापन एक बड़ी महापंचायत के साथ करेंगे। जिसमें सभी 76 गांवों सहित डूंगरी बांध से प्रभावित गांवों के लाखों लोग सम्मिलित होंगे और महापंचायत के बाद हजारों लोग अनशन पर बैठ जाएंगे। नरेश मीणा ने कहा कि अगर ग्रामीण साथ दे तो यह विश्व का सबसे बड़ा अनशन होगा। सर्व समाज के नेताओं को बुलाने की बात कही
नरेश ने कहा कि इस आंदोलन में सर्व समाज के लोग शामिल होंगे। इस दौरान उन्होंने कहा कि आंदोलन में गुर्जर समाज के प्रह्लाद गुंजल को लाए, मुस्लिम समाज से इमरान प्रतापगढ़ी या औवेसी को बुलाएं। ब्राह्मण समाज के नेताओं को बुलाएं और आंदोलन को सर्व समाज का आंदोलन बनाएं। आंदोलन में फूल माला और साफा नहीं पहनाएं, जब तक यह आंदोलन सफल नहीं होता है तब तक सभी ग्रामीण एकजुट होकर लड़े। क्या है डूंगरी बांध ​परियोजना