झालावाड़ जिले के पनवाड़ कस्बे में बुधवार को शारदीय नवरात्रि की महानवमी पर कंकाली महारानी की नगर शोभायात्रा निकाली गई। इस ऐतिहासिक और भव्य यात्रा में हजारों श्रद्धालु उमड़े, जिससे पूरे नगर में मेले जैसा माहौल बन गया। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने ड्रोन से निगरानी की और पुलिस बल तैनात रहा। कंकाली महारानी समिति के सदस्य लालचंद, रमेशचंद और जगदीश सुमन ने बताया कि यह मंदिर वर्षों से आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु अपनी समस्याओं के निवारण के लिए आते हैं और देवी की कृपा से राहत पाते हैं। विशेष रूप से श्रृंगारित देवी प्रतिमा को एक विमान में विराजमान किया गया। डोल-नगाड़ों, मंगल गीतों और पुष्पवर्षा के बीच यह शोभायात्रा नगर भ्रमण पर निकली। यात्रा माली मोहल्ला, घास भैरव थानक, लालबाई मंदिर और मुस्लिम बस्ती से होते हुए नांगली नदी स्थित महिषासुर थानक तक पहुंची। वहां पूजा-अर्चना के बाद विमान वापस लौटा। मुस्लिम बस्ती में ‘घोड़ले’ का दृश्य श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इसे देखने के लिए लोग छतों और पेड़ों पर भी चढ़े हुए थे। बजरंग दल के सदस्यों ने जगह-जगह स्टॉल लगाकर जल सेवा की। शोभायात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं ने जगह-जगह आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर देवी का स्वागत किया। नवरात्रि की नवमी पर पनवाड़ के साथ-साथ हरिगढ़, बागोंद, खजूरी, सरखंडिया, बटकनाथ, मेहरों की माताजी मंदिर और अन्य देवी-देवता स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कई गांवों में माताजी के नेजे निकाले गए और घरों में मेहमानों का स्वागत किया गया। यह पूरा धार्मिक आयोजन उल्लास, भक्ति और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।