जयपुर में सरकारी राशन वितरण में गड़बड़ी सामने आई है। 34 राशन दुकानों तक 1790 क्विंटल गेहूं पहुंचा ही नहीं। गेहूं को एक ट्रांसपोर्ट फर्म को राशन दुकानों तक सप्लाई करने की जिम्मेदारी दी गई थी, लेकिन ट्रांसपोर्टर ने गेहूं को राशन दुकानों पर पहुंचाने की जगह बाजार में बेच दिया। जब गड़बड़ी सामने आई तो ट्रांसपोर्ट फर्म ने मार्च के कोटे को फरवरी का बता दिया। इस तरह 34 ट्रकों से करीब 53 लाख रुपए का गेहूं चोरी हो गया। रसद अधिकारी ने बुधवार (1 अप्रैल) को सांगानेर सदर थाने में गबन की FIR दर्ज करवाई है। 1790 क्विंटल गेहूं वितरण स्थलों तक नहीं पहुंचा सांगानेर सदर थाने के एसआई धर्मवीर ने बताया- मालवीय नगर के हरि मार्ग निवासी निशांत पंचोली (49) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। निशांत जयपुर रसद ऑफिस-सेकंड में प्रवर्तन अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं। रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत जयपुर जिले में राशन वितरण का काम एम/एस भरत लाल शिव सहाय एण्ड संस द्वारा सीडब्लूसी सीतापुरा और अन्य डिपो से किया जा रहा था। विभागीय जांच में पाया गया कि राशन के लिए भेजा गया 1790 क्विंटल गेहूं वितरण स्थलों तक नहीं पहुंचा। राशन बांटने के लिए भेजे गए 34 ट्रकों से कालाबाजारी के लिए गेहूं की चोरी की गई। सरकारी गेहूं के गबन/कालाबाजारी का पता चलने पर फर्म के प्रोपराइटर विनोद कुमार शर्मा( निवासी सर्किट हाउस रोड अलवर) के खिलाफ सांगानेर सदर थाने में FIR दर्ज करवाई गई है।
ट्रांसपोर्ट फर्म ने राशन का गेहूं बाजार में बेचा खाद्य विभाग के स्तर पर हुई विजिलेंस जांच में सामने आया कि ट्रांसपोर्ट फर्म ने 34 राशन दुकानों पर सप्लाई होने वाला 1790 क्विंटल गेहूं बाजार में बेच दिया। यह गेहूं जयपुर जिले के चौमूं, चाकसू, जालसू, आमेर, आंधी, जमवारामगढ़, बस्सी और झोटवाड़ा क्षेत्र की 34 राशन दुकानों को फरवरी में आवंटित किया गया था। ट्रांसपोर्ट कंपनी को इस गेहूं को राशन दुकानों तक पहुंचाना था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया और बाजार में बेच दिया। गड़बड़ी छिपाने के लिए मार्च के कोटे का गेहूं फरवरी में बांटा राशन दुकानों को गेहूं नहीं मिलने पर दुकान संचालकों ने खाद्य विभाग से शिकायत की। खाद्य विभाग की विजिलेंस टीम ने जांच की तो गड़बड़ी का खुलासा हुआ। शिकायत की जानकारी मिलने पर सप्लायर ने नुकसान को कम करने और गुमराह करने की कोशिश की। उसने मार्च 2026 में आवंटित गेहूं में से 1311 क्विंटल गेहूं इन दुकानों पर सप्लाई करके उसे फरवरी के कोटे में दिखा दिया, लेकिन जांच में यह गड़बड़ी पकड़ में आ गई। 53 लाख की वसूली होगी खाद्य विभाग अब इस फर्म से 53 लाख रुपए के गबन की वसूली करेगा। फर्म के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है और पुलिस मामले की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि हर ट्रक से थोड़ा-थोड़ा गेहूं गायब किया गया, ताकि आसानी से पता न चले।