जालंधर के डेयरी संचालकों ने आम जनता की जेब पर बोझ बढ़ाते हुए दूध की कीमतों में 5 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। खालसा डेयरी वेलफेयर सोसाइटी द्वारा जामशेर डेयरी कॉम्प्लेक्स में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला लिया गया। इस वृद्धि के पीछे मुख्य कारण चारे की बढ़ती लागत, दुधारू पशुओं की कीमतों में दोगुना उछाल और वैश्विक स्तर पर जारी युद्ध के कारण बढ़ी महंगाई को बताया गया है। नए रेट 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे, जिसके बाद गाय और भैंस का दूध खरीदना अब और महंगा हो जाएगा। खालसा डेयरी वेलफेयर सोसाइटी के प्रधान बलविंदर सिंह की अध्यक्षता में एक विशेष बैठक बुलाई गई। इस बैठक में डेयरी मालिकों ने अपनी समस्याओं को साझा करते हुए कहा कि वर्तमान आर्थिक हालातों में पुराने रेट पर दूध बेचना अब मुमकिन नहीं रह गया है। संचालकों के मुताबिक, पिछले साल आई बाढ़ ने पशुओं के चारे और तूड़ी की उपलब्धता को बुरी तरह प्रभावित किया है, जिससे बाजार में इनके दाम आसमान छू रहे हैं। पशुओं की कीमतों में भारी उछाल बैठक में डेयरी मालिकों ने एक चौंकाने वाला आंकड़ा पेश किया। उन्होंने बताया कि पशुओं की कीमतों में भी जबरदस्त इजाफा हुआ है। जो भैंस पहले करीब 1 लाख रुपए में मिल जाती थी, अब उसकी कीमत बढ़कर 2 लाख रुपए यानी लगभग दोगुनी हो गई है। इसी तरह, गाय की कीमत भी 40 हजार रुपए से बढ़कर 90 हजार रुपए तक पहुंच गई है। निवेश की इस बढ़ी हुई राशि के कारण डेयरी व्यवसाय को चलाना अब घाटे का सौदा साबित हो रहा है।सोसाइटी के प्रधान बलविंदर सिंह और उप-प्रधान चरणजीत सिंह ने जानकारी दी कि पशुओं को खिलाए जाने वाले खल, बिनौला, तूड़ी और दलिए के रेट में काफी वृद्धि हुई है। इसके अलावा, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण वैश्विक बाजार अस्थिर है, जिसका सीधा असर देश में पेट्रोल-डीजल और गैस सिलेंडरों की कीमतों पर पड़ा है। परिवहन लागत बढ़ने से भी डेयरी उत्पादों के उत्पादन पर बुरा असर पड़ा है। 1 अप्रैल से लागू होंगे ये नए रेट सोसाइटी द्वारा लिए गए फैसले के अनुसार, 1 अप्रैल से दूध की नई कीमतें गाय का दूध 65 रुपए से बढ़कर 70 रुपए हो गया है, भैंस का दूध 70 रुपए से बढ़कर 75 रुपए हो गया, वहीं फैट रेट 9.50 रुपए से बढ़कर 10.50 रुपए हो गया है। बैठक में मौजूद सदस्य इस महत्वपूर्ण बैठक में जनरल सेक्रेटरी अन्नू, राजू, जैमल सिंह समेत बड़ी संख्या में डेयरी संचालक मौजूद रहे। सभी ने एकमत होकर इस वृद्धि का समर्थन किया और कहा कि यदि रेट नहीं बढ़ाए गए तो पंजाब के डेयरी उद्योग को बचाना मुश्किल हो जाएगा।
