धौलपुर के राजकीय अभियांत्रिकी कॉलेज में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। इस अभियान में विद्यार्थियों, शिक्षकों और विभिन्न विशेषज्ञों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. त्रिलोक चंद, मेडिकल ऑफिसर, गवर्नमेंट योगा एवं प्राकृतिक चिकित्सा अनुसंधान केंद्र, धौलपुर थे। उन्होंने नशे की लत के गंभीर दुष्प्रभावों पर प्रकाश डाला। डॉ. चंद ने बताया कि नशा मस्तिष्क, यकृत और हृदय जैसे महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित कर दीर्घकालिक बीमारियों का कारण बनता है। उन्होंने तनाव, चिंता और अवसाद जैसे मानसिक प्रभावों का भी जिक्र करते हुए योग और प्राकृतिक चिकित्सा अपनाने की सलाह दी। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बी. एल. गुप्ता ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं और उन्हें अपने लक्ष्यों पर केंद्रित रहना चाहिए। डॉ. गुप्ता ने विद्यार्थियों को अनुशासन, नैतिक मूल्यों और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने साथियों के दबाव और जागरूकता की कमी को गलत दिशा में ले जाने वाला बताते हुए आत्म-नियंत्रण की आवश्यकता पर जोर दिया। एंटी-ड्रग अधिकारी विजय कुमार अग्रहरी ने नशे से जुड़े कानूनी प्रावधानों और रोकथाम के उपायों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन नोडल अधिकारी डॉ. के. के. उपाध्याय ने किया। इस अभियान के सफल आयोजन में सखा-सखी टीम का विशेष योगदान रहा, जिसका नेतृत्व मनीष चौधरी ने किया। टीम के सदस्यों ने व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संभाला, जिसके लिए प्राचार्य ने टीम के 10 सदस्यों को किट भी वितरित की। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत पोस्टर प्रदर्शनी थी, जिसमें नशा मुक्ति विषय पर रचनात्मक पोस्टर प्रदर्शित किए गए। पोस्टर प्रतियोगिता में नमन शर्मा ने प्रथम, प्रियांशु ने द्वितीय तथा पलक शर्मा एवं सौम्या सक्सेना ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। अभियान के दौरान भाषण, चर्चाएं और विभिन्न जागरूकता गतिविधियां आयोजित की गईं। अंत में सभी प्रतिभागियों ने नशा मुक्त समाज के निर्माण का संकल्प लिया और नशे से दूर रहने तथा दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ ली।
