प्रतापगढ़ में जिला पेंशनर समाज ने मिनी सचिवालय पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन वित्त मंत्रालय द्वारा 2025 में लागू किए गए वैधता अधिनियम को वापस लेने की मांग को लेकर किया गया। बड़ी संख्या में पहुंचे पेंशनर्स ने नारेबाजी करते हुए प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में इस अधिनियम को ‘काला अधिनियम’ बताते हुए इसे तत्काल रद्द करने की मांग की गई। पेंशनर समाज के जिला अध्यक्ष मगनीराम सुथार ने बताया कि केंद्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने 25 मार्च 2025 को यह अधिनियम पारित किया था। पेंशनर्स को नुकसान सुथार के अनुसार, इस अधिनियम से पेंशनर्स को काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम सामाजिक न्याय और सामाजिक सुरक्षा के सिद्धांतों के पूरी तरह विपरीत है। पेंशन एक सामाजिक कल्याणकारी व्यवस्था है, लेकिन सरकार के इस विधेयक से 1 जनवरी 2025 से पहले सेवानिवृत्त हुए पेंशनर्स को विशेष रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है। इससे ये पेंशनर्स केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों के लाभ से भी वंचित हो रहे हैं। सातवें केंद्रीय वेतन आयोग ने भी पूर्व में समानता की बात कही थी, लेकिन सरकार ने इसके विपरीत जाकर यह अधिनियम पारित किया। काला दिवस के रूप में मनाने का निर्णय इस अधिनियम के विरोध में पूरे देश के पेंशनर समाज ने इस दिन को ‘काला दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इसी के तहत आज प्रतापगढ़ के मिनी सचिवालय पर जिले के बड़ी संख्या में पेंशनर्स ने प्रदर्शन किया। उन्होंने कलेक्टर डॉ. अंजली राजोरिया को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर अधिनियम को वापस लेने की मांग दोहराई।
