डीडवाना में मंगलवार को विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर टीबी उन्मूलन के लिए जन-जागरूकता रैली निकाली गई। बांगड़ हॉस्पिटल में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने टीबी को जड़ से खत्म करने का संकल्प लिया।
जिला क्षय निवारण केंद्र के तत्वावधान में एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इसे सीएमएचओ डॉ. नरेंद्र चौधरी, भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा और पीएमओ डॉ. अजीत सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली अस्पताल परिसर से शुरू होकर अस्पताल चौराहा, फव्वारा सर्किल और बस स्टैंड जैसे प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसमें नर्सिंग छात्रों सहित बड़ी संख्या में युवाओं और बच्चों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने हाथों में स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर “टीबी मुक्त भारत” के नारे लगाए और आमजन को जागरूक किया। कार्यक्रम के दौरान डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि टीबी जैसी बीमारी से लड़ने के लिए दवा के साथ-साथ संतुलित पोषण और सामाजिक सहयोग भी आवश्यक है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत उपचाराधीन मरीजों को पोषण किट वितरित किए गए। जनप्रतिनिधियों और चिकित्सा अधिकारियों ने मरीजों को उच्च प्रोटीन युक्त आहार सामग्री उपलब्ध कराई, जिसका उद्देश्य उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना है। डॉ. शर्मा ने यह भी बताया कि सरकार प्रत्येक टीबी मरीज को ₹1000 प्रति माह की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में प्रदान कर रही है। स्थानीय भामाशाहों के सहयोग से मरीजों को अनाज, दालें और अन्य पौष्टिक आहार भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने समाज से टीबी मरीजों के साथ भेदभाव न करने की अपील की। डॉ. शर्मा ने जोर दिया कि समय पर जांच और नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो सकती है, और समाज का सहयोग मरीज के मनोबल को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में डीपीसी बाबूलाल प्रजापत, बीएचएस दिलीप सिंह, जिला क्षय निवारण केंद्र के स्टाफ और स्वास्थ्यकर्मियों का विशेष योगदान रहा। अंत में सभी उपस्थित लोगों को टीबी उन्मूलन की शपथ दिलाई गई।