बूंदी में चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 ने जिला प्रशासन के सहयोग से एक बाल विवाह को रुकवाया है। यह विवाह 26 मार्च को होना तय था। जयपुर कंट्रोल रूम से मिली सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई।
चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की टीम ने बालिका के घर और नमाना थाना क्षेत्र के एक गांव में आयोजित लग्न कार्यक्रम का दौरा किया। जांच के दौरान बाल विवाह की सूचना सही पाई गई, जिसके बाद टीम ने आवश्यक तथ्य जुटाए। इसके बाद चाइल्ड हेल्पलाइन ने जिला प्रशासन, बाल कल्याण समिति और सदर थाने को सूचित किया। सूचना मिलने पर तहसीलदार अर्जुनलाल मीणा, सदर थाने से एएसआई शिवराज सिंह अपने जाप्ते के साथ, और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की ओर से जिला समन्वयक रामनारायण गुर्जर, सुपरवाइजर रवि कुमार एवं केस वर्कर अर्चना कुमारी मौके पर पहुंचे। परिजनों से की गई समझाइश
तहसीलदार ने बालिका के दादा, पिता और अन्य परिजनों को बाल विवाह के कानूनी परिणामों के बारे में समझाया। उन्हें बताया गया कि बालिका का विवाह 18 साल पूरा होने के बाद ही किया जाए। इसके बाद बालिका को काउंसलिंग के लिए सदर थाना और टीम 1098 द्वारा बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। नाबालिग को 26 तक बालिका गृह में अस्थायी आश्रय
बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार बालिका को 26 मार्च तक बालिका गृह में अस्थायी आश्रय प्रदान किया गया है। टीम 1098 द्वारा माननीय न्यायालय के समक्ष परिवाद प्रस्तुत कर बाल विवाह पर स्थगन आदेश (स्टे ऑर्डर) प्राप्त करने की कार्यवाही की जाएगी। बालिका और वर पक्ष के अभिभावकों को भी पाबंद किया जाएगा ताकि न्यायालय से निषेधाज्ञा जारी होने के बाद ही बालिका का विवाह 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर हो सके।
