मोगा में किसानों को तिलहन फसलों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। “नेशनल मिशन ऑन ऑयलसीड स्कीम” के तहत 800 किसानों को 22 क्विंटल सरसों का बीज मुफ्त वितरित किया गया। जिससे 5060 एकड़ क्षेत्र में सरसों की बुवाई हुई है। DC सागर सेतिया ने बताया कि सरकारी प्रयासों के कारण मोगा जिले में वर्ष 2024-25 के दौरान 2364 एकड़ क्षेत्र में सरसों की खेती हुई थी। वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 5060 एकड़ हो गई। उन्होंने यह भी बताया कि 80 किसानों के खेतों में 66 हेक्टेयर क्षेत्र में प्रदर्शन प्लांट लगाए गए हैं, जिनके लिए प्रति हेक्टेयर 9 हजार रुपए की आर्थिक सहायता किसानों के खातों में जमा की गई है। मूंगफली की जे-87 किस्म की बुवाई मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. गुरप्रीत सिंह ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, मोगा मूंगफली की फसल को पुनर्जीवित करने के लिए भी प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में, सरकारी बीज फार्म रौंता में डेढ़ एकड़ क्षेत्र में मूंगफली की किस्म जे-87 की बुवाई की गई है। इसका उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को इस फसल के प्रति जागरूक करना और उन्हें मूंगफली की खेती के लिए प्रेरित करना है। प्रति एकड़ 13-15 क्विंटल पैदावार डॉ. गुरप्रीत सिंह ने बताया कि इस प्रदर्शन प्लांट की बुवाई मोगा और लुधियाना जिलों से आए किसानों की उपस्थिति में की गई थी। इसमें प्रति एकड़ 45 किलोग्राम बीज का उपयोग किया गया। यह तीन महीने की फसल है, जिसकी पैदावार प्रति एकड़ 13-15 क्विंटल तक होती है और इसमें तेल की मात्रा 50 प्रतिशत तक पाई जाती है। प्रदर्शन प्लांट के लिए दिया गया मूंगफली का बीज सरकार द्वारा मूंगफली की खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शन प्लांटों के लिए बीज उपलब्ध करवाया जा रहा है। किसान जून महीने के दौरान मूंगफली की बुवाई कर सकते हैं और कृषि विभाग द्वारा बीज की व्यवस्था की जा रही है। डॉ. सिंह ने जिले के किसानों से अपील की है कि जो किसान जून महीने में मूंगफली की खेती करना चाहते हैं, वे समय पर बीज की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अपने ब्लॉक कृषि अधिकारियों से संपर्क करें।
