चित्तौड़गढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी में कश्मीरी स्टूडेंट्स ने फिर से प्रदर्शन किया। डिग्री की मान्यता को लेकर स्टूडेंट्स ने कॉलेज कैम्पस में नारेबाजी की। रोते हुए बोले- डिग्री की वैल्यू नहीं रहेगी तो क्या करेंगे, हमारे मां-बाप रो रहे हैं। आपके बच्चे नहीं हैं क्या? उनके साथ ऐसा होगा तो क्या करेंगे। यूनिवर्सिटी बार-बार बहाने बना रही है। हमारा भविष्य खराब कर रही है। इसी दौरान एक छात्र ने खुद पर पेट्रोल छिड़कने की कोशिश की तो पुलिस ने उसे पकड़ लिया। हंगामे के दौरान पुलिस ने 17 छात्र-छात्राओं को डिटेन कर थाने ले गई है। इस दौरान यूनिवर्सिटी के कैंपस में और बाहर पुलिस का जाब्ता तैनात किया गया था। मामले को लेकर गंगरार थाने के SHO श्यामराम ने बताया- छात्रों ने पेट्रोल छिड़ककर सुसाइड करने की कोशिश की थी। फिलहाल छात्रों को समझाया जा रहा है और उनसे शांतिपूर्वक अपनी बात रखने के लिए कहा गया है। यदि कोई छात्र आत्मदाह की कोशिश करता है या राजकार्य में बाधा डालता है तो उसके खिलाफ कानूनी मामला भी दर्ज किया जा सकता है। हमने 17 स्टूडेंट्स के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इसमें राजकार्य में बाधा और सुसाइड की कोशिश के मामले में कार्रवाई की जाएगी। पहले देखिए ये तस्वीर पहले 2 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला 1. विज्ञापन में मान्यता की बात स्टूडेंट्स ने बताया- उन्होंने विज्ञापनों के जरिए मेवाड़ यूनिवर्सिटी में नर्सिंग के लिए एडमिशन लिया था। विज्ञापन में बताया गया था कि यूनिवर्सिटी बीएससी नर्सिंग कोर्स के लिए मान्यता प्राप्त है। यहां एडमिशन लेने के बाद हमें मालूम चला कि यूनिवर्सिटी ने B.Sc. नर्सिंग कोर्स के लिए राजस्थान नर्सिंग काउंसिल (RNC) और इंडियन नर्सिंग काउंसिल (INC) से मान्यता नहीं ली है। 2. आरोप: हमारा भविष्य खराब किया इन संस्थाओं की मान्यता के बिना उनकी डिग्री वैध नहीं मानी जाएगी। यूनिवर्सिटी प्रशासन उनके भविष्य से खेल रहा है। ऐसे में, हम प्रदर्शन कर कॉलेज से मांग कर रहे हैं कि या तो मान्यता लें या फिर हमें जो भी हो मुआवजा दिया जाए। इसी मांग को लेकर कश्मीरी स्टूडेंट आज यूनिवर्सिटी के कैंपस में इकठ्ठा हो गए। छात्र-छात्राओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। रोने लगे और नारे लगाए कि हमें जस्टिस चाहिए। देखें प्रदर्शन की तस्वीरें… छात्रों को डर लास्ट सेमेस्टर के बाद क्या होगा स्टूडेंट्स ने बताया- हम 2022 बैच के हैं, अब लास्ट सेमेस्टर चल रहा है। यूनिवर्सिटी प्रशासन बहाने बना रहा है। कभी कहता है मामला प्रोसेस में है। कभी कहते हैं अभी विधानसभा चल रही है, इसके बाद मान्यता मिल जाएगी। यदि कोर्स को मान्यता नहीं मिलती है तो डिग्री की वैल्यू खत्म हो सकती है और हॉस्पिटल में रजिस्ट्रेशन या नौकरी के लिए आवेदन भी नहीं कर पाएंगे। पुलिस के सामने रोते रहे, मदद मांगते रहे प्रदर्शन के दौरान कई छात्र भावुक हो गए और रोते-बिलखते हुए पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगाने लगे। छात्रों का कहना था कि उन्होंने कई साल मेहनत करके पढ़ाई की है और अब यदि उन्हें डिग्री नहीं मिली तो उनका भविष्य पूरी तरह से खराब हो जाएगा। कई छात्र पुलिसकर्मियों के सामने रोते हुए दिखाई दिए और अपनी समस्या बताने लगे। छात्र लगातार यही कहते नजर आए कि यदि डिग्री नहीं मिली तो उन्हें कहीं नौकरी नहीं मिलेगी और उनका करियर खत्म हो जाएगा। इस दौरान कई छात्राएं भी काफी परेशान और भावुक नजर आईं। पढ़ें स्टूडेंट्स को सस्पेंड करने से जुड़ी ये खबर भी… मेवाड़ यूनिवर्सिटी के 30 कश्मीरी समेत 33 नर्सिंग स्टूडेंट्स सस्पेंड:धरने पर बैठे छात्र, बोले- डिग्री की मान्यता नहीं, हमारे भविष्य से खेल रहा मैनेजमेंट चित्तौड़गढ़ की मेवाड़ यूनिवर्सिटी में B.Sc. नर्सिंग फाइनल ईयर के 30 कश्मीरी सहित 33 स्टूडेंट्स को बुधवार को सस्पेंड कर दिया गया। तभी से स्टूडेंट्स धरने पर बैठे हैं। (पढ़ें पूरी खबर)