बाड़मेर में मजदूरी की थकान मिटाने के लिए अफीम खाना शुरू करने वाला एक मजदूर धीरे-धीरे ड्रग्स तस्कर बन गया। रिश्तेदार से ड्रग्स खरीदकर खाली प्लॉट में गड्ढा खोदकर दबा देता था। छोटी-छोटी पूड़िया बनाकर मजदूरों व अन्य लोगों को सप्लाई करता था। आरोपी 17 साल पहले गांव से काम की तलाश में बाड़मेर आया था। ANTF और रीको थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में 13 फरवरी को दबोचा था। 14 फरवरी को मामले का खुलासा किया था।
पुलिस ने आरोपी को दबोचकर अफीम बरामद की है, जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। बोगस ग्राहक बनकर पुलिस ने बिछाया जाल एएनटीएफ टीम को लंबे समय से सूचना मिल रही थी कि रीको क्षेत्र में एक व्यक्ति मजदूर वर्ग को अफीम की छोटी-छोटी पूड़िया सप्लाई कर रहा है। इस पर पुलिस ने योजना बनाकर एक सदस्य को बोगस ग्राहक बनाकर आरोपी के घर भेजा। आरोपी पूड़िया देने के बहाने अपने मकान के पास खाली प्लॉट में गया और मिट्टी खोदकर छिपाया हुआ मादक-पदार्थ निकालने लगा। तभी पहले से घात लगाए टीम ने उसे पकड़ लिया। कार्रवाई में 1 किलो 286 ग्राम अफीम का दूध और 334 ग्राम विनिर्मित अफीम बरामद हुई। 2008 में मजदूरी करने शहर आया, फिर लगी अफीम की लत पकड़ा गया आरोपी बाबूलाल (45) पुत्र ठाकराराम, मूल रूप से सेड़वा थाना क्षेत्र सोमारडी गांव (बाड़मेर) का निवासी है और सातवीं तक पढ़ा हुआ है। गांव में मजदूरी करने के बाद वर्ष 2008 में काम की तलाश में बाड़मेर शहर आया। यहां मजदूरी के बाद थकान दूर करने के लिए उसने अफीम का सेवन शुरू किया और धीरे-धीरे इसकी लत लग गई। लत ने बनाया तस्कर, रिश्तेदार से खरीदकर बेचता था माल अफीम की लत के कारण शरीर कमजोर होने लगा और आय के साधन कम पड़ने लगे तो उसने खुद ही मादक-पदार्थ का धंधा शुरू कर दिया। आरोपी अपने रिश्तेदार दिनेश कुमार निवासी कोजा से अफीम खरीदकर छोटी-छोटी पूड़िया बनाता और मजदूरों सहित अन्य लोगों को बेचता था। पुलिस ने 13 फरवरी को उसके घर पर दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया था और अब पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। — इससे जुड़ी खबर भी पढ़े… बाड़मेर में घर में दबिश देकर अफीम बरामद, 1 गिरफ्तार:तलाशी के दौरान खाली प्लाट में मिला मादक-पदार्थ, नेटवर्क की जांच जारी बाड़मेर जिले में नशा मुक्त अभियान के तहत रीको पुलिस और एएनटीएफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 1.62 किलो अफीम बरामद की है। पूरी खबर पढ़िए
