रूपनगर कोर्ट कॉम्प्लेक्स में बुधवार सुबह करीब 11:30 बजे डीआईजी नानक सिंह के नेतृत्व में एक सघन सुरक्षा जांच अभियान चलाया गया। यह कार्रवाई पंजाब सरकार, मुख्यमंत्री और डीजीपी पंजाब के निर्देशों पर ‘ऑपरेशन प्रहार-2′ के तहत की गई। इस अभियान के दौरान जिले से 30 से अधिक संदिग्धों को राउंड-अप किया गया है, जबकि रूपनगर रेंज में 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। डीआईजी नानक सिंह ने दी जानकारी डीआईजी नानक सिंह ने बताया कि पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट को हाल ही में मिली धमकियों को गंभीरता से लिया गया है। इसी के मद्देनजर कोर्ट परिसर में कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन, एंट्री-एग्जिट चेकिंग और एंटी-सैबोटाज जांच जैसे विशेष सुरक्षा अभियान चलाए गए। हिरासत में लेकर पूछताछ जारी सुबह की छापेमारी (मॉर्निंग रेड) के दौरान रूपनगर जिले से 30 से अधिक संदिग्धों को राउंड-अप किया गया। वहीं, रूपनगर रेंज में कुल 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में किसी व्यक्ति से आपराधिक सामग्री या संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े सबूत मिलते हैं, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, अन्यथा सत्यापन के बाद उन्हें छोड़ दिया जाएगा। ह्यूमन इंटेलिजेंस पर की गई कार्रवाई डीआईजी ने बताया कि यह कार्रवाई ह्यूमन इंटेलिजेंस और तकनीकी इनपुट के आधार पर की जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था की लगातार समीक्षा की जाती है, क्योंकि प्रतिदिन नई चुनौतियां और इनपुट सामने आते हैं, जिनके अनुसार सुरक्षा में आवश्यक बदलाव किए जाते हैं। अपराधियों के खिलाफ जारी रहेगा अभियान उन्होंने यह भी बताया कि साइबर क्राइम से जुड़े मामलों पर राज्य और जिला स्तर पर लगातार कार्रवाई जारी है, जिसमें आने वाले समय में गिरफ्तारियां की जाएंगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य किसी बड़े अपराध को होने से पहले ही अपराधियों और गैंगस्टरों को पकड़कर उन्हें निष्क्रिय करना है, ताकि राज्य में कानून-व्यवस्था बनी रहे। ऑपरेशन प्रहार-2’ के तहत हुई बरामदगी और अन्य विस्तृत जानकारी अभियान समाप्त होने के बाद शाम को साझा की जाएगी।
