जगराओं में विकास कार्यों को लेकर राजनीतिक लाभ लेने की होड़ के बीच एक नया मामला सामने आया है। नगर परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष कंवरपाल सिंह और स्थानीय विधायक बीबी सरबजीत कौर मानूके ने रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे लिंक रोड को जोड़ने वाली सड़क का उद्घाटन किया। इस उद्घाटन के बाद नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर परिषद सूत्रों के अनुसार, पुल के साथ लिंक रोड और आसपास की गलियों के निर्माण के लिए करीब 50 लाख रुपए से अधिक का टेंडर लगाया गया था और वर्क ऑर्डर भी जारी किया जा चुका था। हालांकि, जिस सड़क का उद्घाटन किया गया, वह नगर परिषद के अधिकार क्षेत्र में आती ही नहीं है। यह सड़क पूरी तरह से लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधीन है। लोक निर्माण विभाग के सूत्रों के अनुसार, विभाग ने इस सड़क के निर्माण के लिए अपनी टेंडर प्रक्रिया भी पूरी कर ली है। PWD के जूनियर इंजीनियर करमजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि उक्त सड़क का निर्माण PWD द्वारा ही किया जाएगा और इसका काम जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। मेरे अध्यक्ष बनने से पहले मिली थी मंजूरी : कार्यकारी अध्यक्ष नगर परिषद के कार्यकारी अध्यक्ष कंवरपाल सिंह से जब इस संबंध में संपर्क किया गया, तो उन्होंने बताया कि इस परियोजना को मंजूरी उनके अध्यक्ष बनने से पहले ही मिल चुकी थी। हालांकि, जब उनसे नगर परिषद के सड़क निर्माण के अधिकार के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस पर अनभिज्ञता व्यक्त की। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ही विधायक बीबी सरबजीत कौर मानूके, उनके पति प्रोफेसर सुखविंदर सिंह और नगर परिषद अध्यक्ष कंवरपाल सिंह ने बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोगों की उपस्थिति में इस सड़क निर्माण कार्य की शुरुआत कर और लड्डू बांटकर इसे एक बड़ी विकास उपलब्धि के रूप में प्रस्तुत किया था। इससे पहले हुई एक बैठक में पार्षद डिंपल गोयल ने आशंका जताई थी कि कहीं यह काम सिर्फ शिलान्यस करने तक ही सीमित न रह जाए और सड़क पूरी तरह न बने। मौजूदा हालात ने उनकी इस आशंका को सही साबित कर दिया है। राजनीतिक लाभ लेने की जल्दबाजी पर सवाल इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर नेताओं द्वारा विकास कार्यों का क्रेडिट लेने की जल्दबाजी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों में चर्चा है कि जब सड़क पूरी तरह PWD के अधीन है, तो नगर परिषद द्वारा उद्घाटन करने की इतनी जल्दी आखिर क्यों दिखाई गई। वहीं शहर के लोगों ने इस ड्रामेबाजी के पीछे भ्रष्टाचार बताया जा रहा है। लोगों के मुताबिक दूसरी और PWD से टेंडर लगवा कर काम करवा लिया जाता। इस सड़क के कौंसिल ने बनाया है यह जता कर पैसे हजम कर लिए जाते ।