नागौर की विश्व प्रसिद्ध पान मैथी को जीआई टैग मिलने की उम्मीदें अब काफी बढ़ गई हैं। मंगलवार को लोकसभा में नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि नागौरी पान मैथी को भौगोलिक संकेत यानी जीआई टैग दिलाने का आवेदन चेन्नई स्थित जीआई रजिस्ट्री कार्यालय में वर्तमान में प्रक्रियाधीन है। इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आगामी पांच फरवरी को परामर्शदात्री समूह की एक अहम बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस संबंध में अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है।
सांसद बेनीवाल ने सदन में राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों के लंबित आवेदनों की जानकारी भी मांगी थी, जिस पर सरकार ने खुलासा किया कि अकेले राजस्थान के 50 विभिन्न उत्पादों और वस्तुओं के जीआई टैग आवेदन अभी लंबित पड़े हैं।
गौरतलब है कि सांसद बेनीवाल इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से सक्रिय हैं और उन्होंने हाल ही में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर भी इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाया था। पीयूष गोयल की ओर से मिले सकारात्मक जवाबी पत्र और मंत्रालय की सक्रियता के बाद अब यह माना जा रहा है कि नागौर की पान मैथी को जल्द ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान और कानूनी सुरक्षा मिल जाएगी। इससे न केवल इस उत्पाद की ब्रांडिंग मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय किसानों को भी उनकी उपज का बेहतर दाम मिल सकेगा।
