नागौर जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित शुक्रवार को राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त हो गए। सेवानिवृत्ति के अवसर पर जिला कलक्ट्रेट परिसर में औपचारिक विदाई कार्यक्रम रखा गया, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों, कर्मचारियों और नागरिकों ने भाग लिया। सेवाकाल के अंतिम दिन उन्होंने अपने अनुभव साझा किए और सहयोग के लिए सभी का आभार जताया। अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें माला पहनाकर विदा किया और अच्छे स्वास्थ्य व भविष्य की शुभकामनाएं दीं। कलक्ट्रेट परिसर से रवानगी के समय बैंड बाजे और ढोल नगाड़ों की व्यवस्था की गई। कलक्ट्रेट परिसर में हुआ विदाई कार्यक्रम
जिला कलक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रशासन के विभिन्न स्तरों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। विदाई के दौरान जिला कलेक्टर अरुण कुमार पुरोहित ने अपने सेवाकाल के अनुभव और कार्य से जुड़े विचार साझा किए। बैंड बाजे और ढोल नगाड़ों के साथ रवानगी
विभागीय प्रक्रिया के तहत सेवाकाल पूर्ण होने पर उन्हें सम्मानपूर्वक विदा किया गया। कलक्ट्रेट परिसर से रवानगी के समय बैंड बाजे और ढोल नगाड़ों की व्यवस्था की गई। उनकी रवानगी के लिए वाहन को विशेष रूप से सजाया गया था। दो साल के कार्यकाल की समीक्षा
इससे पहले कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित विदाई सभा में अधिकारियों ने जिला कलेक्टर के रूप में उनके दो साल के कार्यकाल की समीक्षा की। वक्ताओं ने बताया कि पुरोहित ने प्रशासनिक कार्यों में नवाचारों को प्राथमिकता दी और जिले के विकास से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में भूमिका निभाई। समय की पाबंदी और काम के प्रति समर्पण
सभा में यह भी कहा गया कि अरुण कुमार पुरोहित अपने काम के प्रति गंभीर रहे और ऑफिस समय की पाबंदी का पालन किया। उनके नेतृत्व में अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच तालमेल बना रहा। सहयोग के लिए जताया आभार
जिला कलक्टर ने अपने विदाई भाषण में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सभी के साथ काम करने का अनुभव अच्छा रहा। स्टाफ भोज और अंतिम विदाई
विदाई कार्यक्रम से एक दिन पहले स्टाफ के लिए सामूहिक भोज भी रखा गया था। अंतिम चरण में कलक्ट्रेट के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें माला पहनाकर विदा किया और अच्छे स्वास्थ्य व भविष्य की शुभकामनाएं दीं। ये अधिकारी रहे मौजूद
इस मौके पर एडीएम चम्पालाल जिनगर, एसडीएम गोविन्द सिंह भींचर, तहसीलदार नरसिंह टाक सहित जिले के कई उपखंड और जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।