श्रीगंगानगर में किसानों ने गंगनहर में पानी छोड़ने की मांग की है। किसानों का कहना है कि गंगनहर में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। इससे किसान आक्रोशित हैं। शुक्रवार को किसानों ने महाराजा गंगा सिंह चौक पर धरना दिया। किसानों ने सिंचाई विभाग व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसानों का कहना है कि गंगनहर में कम से कम 1500 क्यूसेक पानी छोड़ा जाना चाहिए। लेकिन खखा हेड पर महज 1000-1100 क्यूसेक पानी ही आ रहा है, जो फसलों की जरूरत पूरी नहीं कर पा रहा। अब तक तीन बारियां पूरी तरह खाली जा चुकी हैं, जिससे गेहूं-जौ की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। किसान नेता अमर सिंह ने बताया- पूर्व में भी सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कई बार मुलाकात की गई और गुहार लगाई गई। लेकिन मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है। किसानों ने पुरानी बीकानेर कैनाल की सफाई के नाम पर लाखों रुपए खर्च होने का भी आरोप लगाया है। उनका कहना है कि सफाई के नाम पर जमकर भ्रष्टाचार हुआ, लेकिन नहरों की स्थिति सुधारने के बजाय और खराब होती जा रही है। धरने में शामिल किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक वे आंदोलन जारी रखेंगे और इसे और तेज करेंगे। किसानों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि रबी फसलें बचाई जा सकें। किसान संगठनों का कहना है कि पानी की कमी सिर्फ एक समस्या नहीं, बल्कि किसानों के अस्तित्व का सवाल बन चुकी है। यदि समय रहते पानी उपलब्ध नहीं कराया गया तो फसलें बर्बाद हो जाएंगी और किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ेगा।