पंजाब के लुधियाना के कस्बा खन्ना में अवैध नशा मुक्ति केंद्र अब संगठित अपराध की नर्सरी बनते जा रहे हैं। गैंगस्टर इन केंद्रों में भर्ती नशे के आदी युवाओं को अपने गिरोह में शामिल कर उन्हें अपराध के लिए इस्तेमाल कर रहे थे। इसी इनपुट पर खन्ना पुलिस ने शुक्रवार को ऑपरेशन प्रहार के तहत खन्ना के तीन और पायल के एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र पर एक साथ छापेमारी कर 150 से ज्यादा लोगों को छुड़ाया। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार गैंगस्टरों से पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये केंद्र युवाओं को सुधारने की जगह उन्हें अपराध की दुनिया में धकेल रहे थे। कई बंदी पहले से ही आपराधिक मामलों में शामिल पाए गए, जबकि कुछ घोषित अपराधी भी पकड़े गए। गैंगस्टर रवि राजगढ़ के साथियों ने किया खुलासा
खन्ना की एसएसपी दर्पण अहलूवालिया ने बताया कि गैंगस्टर रवि राजगढ़ के साथियों से पूछताछ के दौरान इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। उन्होंने कहा कि नशे के आदी युवाओं को छोटे-मोटे लालच देकर पहले चोरी-चकारी में लगाया जाता था, फिर धीरे-धीरे संगठित अपराध का हिस्सा बना दिया जाता था। कई को महज 5 हजार रुपये में इस्तेमाल किया जा रहा था। अवैध नशा मुक्ति केन्द्र बने गैंगस्टरों के अड्डे
पुलिस ने बताया कि पहले सोशल मीडिया के जरिए युवाओं की भर्ती होती थी, लेकिन अब गैंगस्टर अवैध नशा मुक्ति केंद्रों को अपना नया अड्डा बना चुके हैं। छापेमारी के दौरान कुख्यात गैंगस्टर विक्की माराडो के एक साथी को भी गिरफ्तार किया गया, जो 2020 के आर्म्स एक्ट मामले में वांछित था। एफआईआर दर्ज, केंद्र सील
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद इन केंद्रों को सील कर दिया गया है। आरोपियों के खिलाफ गलत तरीके से बंदी बनाने, धोखाधड़ी और एनडीपीएस एक्ट की धारा 26(बी) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
