लुधियाना जिले में करीब 3 महीने पहले पुलिस को दो युवकों से चेकिंग दौरान हैंड ग्रेनेड मिला था। हैंड ग्रेनेड भेजने वाले मास्टरमाइंड अजय मलेशिया की तस्वीर भी सामने आई थी। पुलिस ने उसे मलेशिया से लाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी, लेकिन अब पुलिस को आशंका है कि अजय, मलेशिया से पाकिस्तान भाग गया है। सूत्रों के मुताबिक, अजय को पुलिस की गिरफ्तारी और डिपोर्ट होने का डर भी सता रहा था। जिस कारण वह इधर-उधर अब भाग रहा है। फिलहाल अभी मामले में पुलिस के सीनियर अधिकारी चुप्पी साधे हुए हैं। पुलिस ने इस तरह की असामाजिक गतिविधियां करने वालों पर शिकंजा कसा हुआ है। पुलिस को पता चला है कि उसने ठिकाना बदल लिया है। पुलिस अजय मलेशिया के भाई विजय को राजस्थान की जेल से प्रोडक्शन वारंट पर पुलिस लाई हुई थी, ताकि अजय मलेशिया की पहचान हो सके। पुलिस लगातार अजय के परिवार पर अभी भी नजर बनाए है। अजय पर नहीं कोई आपराधिक मामला आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक अजय पर पिछला कोई भी आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पुलिस ने उसका पिछला रिकॉर्ड खंगाला है। पुलिस टीम राजस्थान में उसके घर पर भी जाकर आई थी। पता चला है कि अजय करीब 2021-22 में मलेशिया गया था। वह अपने परिवार से भी बहुत कम बात करता है। 2 महीने पहले कई गुर्गों को पुलिस ने दबोचा पुलिस ने पाकिस्तान और उसकी खुफिया एजेंसी आईएसआई की ओर से संचालित किए जा रहे मॉड्यूल का भंडाफोड़ 2 महीने पहले किया था। पुलिस ने पाकिस्तानी हेंडलर्स के इशारों पर काम कर रहे कई बड़े गुर्गों को गिरफ्तार किया हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया था कि ये आरोपी मलेशिया में बैठे तीन गुर्गों के माध्यम से पाकिस्तान हेंडलर्स के संपर्क में थे, ताकि हैंड ग्रेनेड को भारत पहुंचाया जा सके। हेंडलर्स द्वारा आरोपियों को पंजाब में अशांति पैदा करने के लिए आबादी वाले क्षेत्र में ग्रेनेड हमला करने का काम सौंपा गया था। मगर, हमले से पहले ही पुलिस ने इन्हें दबोच लिया, जिनमें मलेशिया में बैठे राजस्थान निवासी गुर्गे अजय का भाई भी शामिल है। जिन गुर्गों को पुलिस ने 2 महीने पहले गिरफ्तार किया था, उनमें फरीदकोट के सुखजीत सिंह उर्फ सुख बराड़, सुखविंदर सिंह, श्री मुक्तसर साहिब के साजन कुमार उर्फ संजू, कुलदीप सिंह, शेखर सिंह, अमरीक सिंह,परमिंदर उर्फ चिड़ी और अजय सिंह उर्फ अजय शामिल है। इसके अलावा राजस्थान के श्रीगंगानगर का रहने वाला करणवीर सिंह उर्फ विक्की भी शामिल है। मुक्तसर जेल से जुड़े थे तार पुलिस के मुताबिक, अजय ने सबसे पहले मुक्तसर के अजय से अमृतसर से लुधियाना तक ग्रेनेड पहुंचाने के लिए आदमी ढूंढने को कहा था। जब मुक्तसर का अजय ऐसा नहीं कर पाया, तो अजय मलेशिया ने मुक्तसर जेल में बंद दो कैदी रमणीक सिंह उर्फ अमरीक और परविंदर सिंह उर्फ चिड़ी को इस काम में लगाया। उनके कहने पर कुलदीप सिंह और शेखर सिंह ग्रेनेड लेकर लुधियाना पहुंचे, जहां उन्हें इसे किसी और को देना था। लेकिन पुलिस ने शिवपुरी चौक के पास चेकिंग के दौरान उन्हें पकड़ लिया। शेखर भाग गया था, लेकिन कुलदीप ग्रेनेड के साथ पकड़ा गया था। पूछताछ में कुलदीप ने बताया था कि उसे जेल में बंद रमणीक और परविंदर ने यह काम करने के लिए कहा था और दोनों को 50-50 हजार रुपए देने का वादा किया गया था। इसके बाद पुलिस ने रमणीक और परविंदर को भी गिरफ्तार कर लिया। अजय मलेशिया और मुक्तसर जेल में बंद कैदियों का संबंध ड्रग तस्करी से भी है, जिससे पता चलता है कि संगठित अपराध और आतंकी फंडिंग के बीच संबंध है। लुधियाना पुलिस ने आरोपियों पर UAPA और विस्फोटक अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113 के तहत मामला दर्ज किया है।
