यूआईटी की जमीन में भू-माफिया अवैध कॉलोनियां बसा रहे है। करीब एक माह पहले यूआईटी ने नवले की चक्की से हरसाणी फांटा तक नेशनल हाइवे से 200 फीट ग्रीन बेल्ट में किए गए निर्माण को चिह्नित कर उन्हें हटाने की कार्रवाई की थी। अभियान से पहले यूआईटी ने उत्तरलाई में एयरपोर्ट के नजदीक बिना स्वीकृति के काटी गई कॉलोनी के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए कार्य को बंद करवाया था। लेकिन उत्तरलाई में एयरपोर्ट के पास बिना कन्वर्जन के काटी कॉलोनी का कार्य पुन: शुरू कर दिया गया। इसके साथ ही जैसलमेर रोड पर मारवाड़ होटल के पास काटी गई कॉलोनी में भूखंड की प्लॉटिंग और बेचने का कार्य शुरू कर दिया गया है। सिर्फ एक दिन चली कार्रवाई का असर भी इतना ही चल पाया। अधूरे अभियान के कारण बढ़े भूमाफियों के हौसले एक महीने पहले जब यूआईटी ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ मोर्चा खोला था, तब लगा था कि शहर का नियोजित विकास होगा। लेकिन हकीकत इसके उलट निकली। मात्र एक दिन चले अभियान के बाद अवैध कॉलोनी काटने वालों के हौसले और बढ़ गए। इसके चलते इन लोगों द्वारा यूआईटी में न तो कन्वर्जन राशि जमा करवाई है और न ही इन कॉलोनियों को पास कराया है। सीधे ही भूखंड बेच कर कॉलोनियों में निर्माण शुरू करवा दिया है। कॉलोनी संचालक धड़ल्ले से भूखंड बेच रहे हैं और विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों ने मौके पर पहुंच रुकवाया कार्य बिना कन्वर्जन कृषि भूमि पर अवैध कॉलोनी काटने और उसके भूखंडों काटकर बेचने की शिकायत पर यूआईटी के अधिकारी हरकत में आए। यूआईटी के सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता ने उत्तरलाई में एयरपोर्ट से 900 मीटर दूरी पर काटी जा रही कॉलोनी का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां पर निर्माण कार्य जारी था। यूआईटी अधिकारियों ने मौके पर निर्माण को रुकवाया व नोटिस थमाया। इनसाइट – कार्रवाई के बाद लोगों को झांसा देकर बेच रहे भूखंड यूआईटी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद मौके पर जाकर देखा गया कि जिन जगहों पर विभागीय अधिकारियों ने पिछले माह जेसीबी चलाई थी। वहीं भूमाफियों द्वारा एक बार फिर से पत्थर डालकर कार्य शुरू कर दिया। वहीं कार्रवाई के बारे में पूछने पर ग्राहकों को सब सेट है का झांसा देकर भूखंड बेच रहे हैं। “अभियान के दौरान जिन कॉलोनियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उनका पुन: निरीक्षण किया गया। जिन कॉलोनियों में कार्य शुरू पाया गया। उन कॉलोनी मालिकों को नोटिस थमाए हैं।” – श्रवणसिंह राजावत, सचिव, यूआईटी बाड़मेर