स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) बैंक की आदर्श नगर ब्रांच से फेक डॉक्यूमेंट के आधार पर करोड़ों रुपए का लोन उठाने का मामला सामने आया है। दर्जनभर से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने अलग-अलग नामों से लोन पास करवाकर जालसाजी की। मोतीडूंगरी थाने में बैंक प्रबंधक की ओर से आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ FIR दर्ज करवाई गई है। पुलिस ने बताया- एसबीआई की आदर्श नगर ब्रांच से फेक डॉक्यूमेंट के आधार पर करोड़ों रुपए का लोन उठाया गया। एक्सप्रेस क्रेडिट ऑन सैलरी अकाउंट प्लान के आधार पर एक दर्जन से अधिक लोगों ने अलग-अलग नामों और डॉक्यूमेंट लगाकर लोन पास करवाया। लोन लेने के बाद समय पर वापस जमा नहीं करवाया। जांच में सामने आया कि लोन लेने वाले अधिकतर आरोपी सरकारी कर्मचारी हैं। बैंक स्तर पर की गई पड़ताल में खुलासा हुआ साल-2023 से 2024 के बीच आरोपियों ने फेक पैन कार्ड, फेक बैंक स्टेटमेंट, सैलरी स्लिप में हेराफेरी और गलत सिबिल रिपोर्ट पेश कर खुद का सिबिल स्कोर बेहतर दिखाया। इसके आधार पर बैंक की आदर्श नगर ब्रांच से 8 लाख से 15 लाख रुपए तक के लोन पास कराए गए। जब तय समय पर किस्तें जमा नहीं हुईं और दो साल बीत जाने के बाद भी रकम वापस नहीं आई, तब बैंक ने डॉक्यूमेंट की गहन जांच कराई। जांच में सामने आया कि कई आरोपियों के पास एक से अधिक पैन कार्ड हैं, जिनमें से एक फेक है। कुछ मामलों में सैलरी स्लिप और बैंक अकाउंट्स में भी हेराफेरी पाई गई। इस संबंध में जनवरी-2026 में ब्रांच मैनेजर गौरव द्विवेदी की ओर से मोतीडूंगरी थाने में एक दर्जन से अधिक लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मदन लाल, ज्ञानचंद, जगदेव सिंह, प्रेम देवी, अमर सिंह, चेतन दास, मनोज कुमार गुप्ता, अनिल, धर्मचंद रैगर सहित अन्य आरोपियों ने अलग-अलग समय में 8.30 लाख से 15 लाख रुपए तक का लोन उठाया। इन सभी मामलों में अब तक लोन की रकम जमा नहीं कराई गई है। कुछ आरोपियों ने कॉन्टैक्ट करने पर बैंक अधिकारियों से अभद्र व्यवहार करते हुए पेमेंट करने से मना भी किया।