सीकर जिले के तारपुरा और दादिया क्षेत्र के किसानों ने अपनी जमीन बचाने के लिए कलेक्ट्रेट पर महापड़ाव शुरू कर दिया है। प्रस्तावित तारपुरा एयरपोर्ट, नवलगढ़-बेरी-बसावा सीमेंट प्लांट, रेलवे लाइन और जेरठी-दादिया अंडरपास के विरोध में हजारों किसान सोमवार को सीकर कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं। कलेक्ट्रेट में करीब आधे घंटे तक नारे लगाते हुए प्रदर्शन किया। इसके बाद एडीएम डॉ. रतन कुमार स्वामी को ज्ञापन दिया गया। सीकर जिले के दादिया और तारपुरा गांव के किसानों ने विशाल महापंचायत का आयोजन कर सरकार की अधिग्रहण नीति पर कड़ा ऐतराज जताया था। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन एयरपोर्ट परियोजना के नाम पर दोनों गांवों की करीब 4,000 बीघा बेशकीमती कृषि भूमि अधिग्रहित करने की तैयारी कर रहा है। किसानों ने कहा- बेरी-तारपुरा और दादिया इलाके में पहले रेलवे लाइन और अब एयरपोर्ट के नाम पर उनकी जमीनें ली जा रही हैं। यदि ऐसा हुआ तो उनके पास खेती और आजीविका के लिए एक इंच जमीन भी नहीं बचेगी। अब देखिए, प्रदर्शन से जुड़ी PHOTOS… काफिले में इतनी रहीं गाड़ियां ये किसान गांवों से सुबह 9:30 बजे ट्रैक्टर, बसें, गाड़ियों से रवाना हुए। इस दौरान किसानों के काफिले में 34 बसें, 80 ट्रैक्टर, 100 से ज्यादा गाड़ियां और करीब 100 बाइकें रहीं। किसान करीब 12 बजे सीकर हाईवे पर पहुंचे। वहां से पैदल सीकर कलेक्ट्रेट कार्यालय 1:30 बजे पहुंचकर प्रदर्शन किया। किसानों की 4 बड़ी मांगें कहा- किसानों को पलायन करना पड़ेगा किसान सतपाल‌ धींवा ने ज्ञापन देकर कहा- इन चारों गांव की जमीन काफी उपजाऊ है। ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनने से इस एरिया के सभी किसानों को अपने पैतृक गांवों से पलायन करना पड़ेगा। इन गांवों के लोगों को कुल देवी-देवताओं के मंदिर और प्राचीन चबूतरे हैं। वहीं इस क्षेत्र में हरिराम मंदिर, जीणमाता मंदिर, मनसा माता मंदिर और बालाजी महाराज मंदिर है। भूमि अधिग्रहण से ये देवस्थान खंडित होंगे। एयरपोर्ट का प्रस्ताव वापस लेने की मांग किसानों ने कहा- इस क्षेत्र की 166 हैक्टेयर गोचर भूमि खत्म हो जाएगी। इस क्षेत्र में चिकित्सा, शिक्षा, विद्युत विभाग जलदाय विभाग, सामुदायिक भवन, ग्रामीण विकास, पशु चिकित्सा, खेल मैदान, सार्वजनिक श्मशान भूमि का नुकसान होगा। 10 हैक्टेयर की गौशाला उजड़ जाएगी, जिसमें हजारों गौवंश रखा जाता है। ग्रामीणों की मांग है कि एयरपोर्ट का प्रस्ताव पूरी तरह वापस होना चाहिए।