भरतपुर में 16 साल बाद मां से बेटे मिले तो फूट-फूटकर रोने लगे। बेटे मां से ऐसे लिपट गए, मानो उन्हें अपनी खोई हुई दुनिया वापस मिल गई हो। ये पूरा घटनाक्रम अपना घर आश्रम में सोमवार को हुआ। असम की रहने वाली रोसिया (55) परिवार से बिछड़कर करीब 2300 किलोमीटर दूर राजस्थान पहुंच गई थी। पति 10 साल तक पत्नी को तलाशते रहे। कोरोना में उनकी मौत हो गई। आश्रम के लोगों ने जब महिला के घरवालों से संपर्क किया तो बेटे लेने के लिए भरतपुर पहुंचे। अब पढ़िए, सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम … 1. 16 साल पहले घर से निकली, 2015 में आश्रम पहुंची आश्रम के सचिव नरेंद्र तिवारी ने बताया – रोसिया उर्फ आयशा निवासी पला हजूरी, थाना उमरी गांव (असम) 16 साल पहले घर से किसी काम के लिए निकली थी। उस समय उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। घर से निकलने के बाद वह अपना पता भूल गई और वापस नहीं लौट सकी। हरियाणा में हरिओम सेवा दल रोहतक को महिला सड़क पर घूमती हुई मिली थी। सेवा दल की ओर से 8 अगस्त 2015 को उन्हें भरतपुर के अपना घर आश्रम लाया गया। 2. इलाज के बाद याद आया घर का पता नरेंद्र तिवारी ने बताया – आश्रम में रोसिया का इलाज कराया गया। धीरे-धीरे उनकी मानसिक स्थिति में सुधार हुआ। इसके बाद उन्होंने अपना घर आश्रम की टीम को अपने घर का पता बताया। टीम ने परिवार से संपर्क किया, जिसके बाद उनके दोनों बेटे नूरूल हुडा (28) और नूर साहेद (26) उन्हें लेने के लिए आश्रम पहुंचे। 3. 16 साल बाद मां से मिलकर रो पड़े बेटे 16 साल बाद मां को सामने देखकर दोनों बेटे भावुक हो गए। मां से मिलते ही दोनों बेटे उनके गले लगकर रोने लगे। परिवार ने रोसिया के मिलने की उम्मीद लगभग छोड़ दी थी। मां भी अपने दोनों बेटों को सीने से लगाकर फूट-फूटकर रोने लगी। 4. पत्नी को ढूंढते-ढूंढते पति की हो गई मौत रोसिया के बड़े बेटे नूरूल हुडा ने बताया कि जब उनकी मां घर से बिछड़ी थी, तब उसकी उम्र महज 12 साल थी। मां के घर नहीं लौटने पर उनके पिता ने उन्हें तलाश किया। पिता रोज काम से लौटने के बाद मां को ढूंढने निकल जाते थे। उन्हें भरोसा था कि एक दिन पत्नी मिल जाएगी, लेकिन लंबे समय तक कोई जानकारी नहीं मिलने से वह हताश हो गए। कोरोना के दौरान पिता की मौत हो गई। 5. अब मां के आने से घर में लौटी रौनक नूरूल हुडा ने बताया – उसकी शादी हो चुकी है। बच्चे भी हो गए। छोटा भाई नूर शाहिद आलम भी साथ रहता है। उन्होंने कहा कि मां के मिलने के बाद घर की रौनक लौट आई है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि अब पिता सैयद अली इस खुशी को देखने के लिए नहीं रहे। दोनों भाई अपनी मां को साथ लेकर घर के लिए रवाना हो गए। ………….. 4 साल से लापता बेटे को देख रो पड़ी मां:पत्नी भी भावुक हुई; दिल्ली जाने की बात कहकर घर से निकले, फिर लौटे नहीं उत्तर प्रदेश से 4 साल पहले गुम हुआ बेटा भरतपुर के अपना घर आश्रम में मिला। मां-पिता बेटे को लेने पहुंचे तो मां एकटक बेटे को निहारती रही, फिर गले लगकर रो पड़ी। दो बच्चों को घर पर छोड़कर पति को लेने आई पत्नी की आंखें भी नम हो गई। दरअसल, उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर निवासी शराफत अली पेशे से टेलर थे। पूरी खबर पढ़ें…
