सीकर जिले में एक हिस्ट्रीशीटर का मर्डर हो गया। यह वारदात दांतारामगढ़ पुलिस थाने के किशनगढ़ रेनवाल के पास रविवार देर रात करीब 1 बजे हुई। हिस्ट्रीशीटर बनवारीलाल मीणा पुत्र मोहनलाल मीणा पचार गांव ने जानलेवा हमले के बाद सोमवार दोपहर को दम तोड़ दिया। परिवार ने 7070 गैंग के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। शव को सीकर के एसके अस्पताल में मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। परिजनों ने कहा- नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद ही शव लेंगे। बनवारीलाल के भाई सोहनलाल ने बताया- बनवारीलाल पिछली रात करीब 1 बजे बाइक से किशनगढ़ रेनवाल से किसी परिचित से रुपए लेकर गांव आ रहा था। उसके साथ गांव का वीरेंद्र मीणा भी था। जैसे ही वे गांव की तरफ पहुंचे तो पीछे से दो कैंपर गाड़ी आई। उन्होंने गाड़ियों को बाइक के आगे लगा दिया। इसके बाद गाड़ी में से नरेंद्र गोस्वामी, शंकर, सूरज, जयपाल, महेश, रामनिवास, मालीराम, गणपत, मुकेश, गजेंद्र, अशोक, महेंद्र, महेश, महेंद्र कुमार मीणा, रमेश के अलावा 5 से 7 लोग नीचे उतरे। इनके पास पिस्तौल सहित अन्य हथियार थे। उन्होंने बनवारीलाल पर जानलेवा हमला कर दिया। इसके बाद उसे कैंपर गाड़ी में डालकर खाटू की तरफ ले गए। साथी वीरेंद्र ने इसकी सूचना बनवारीलाल के परिवार को दी। सड़क पर गंभीर हालत में मिला सोहनलाल ने बताया- जब परिवार बनवारीलाल को तलाश करते हुए चारणवास नाडा की सड़क की तरफ पहुंचा तो वहां भाई गंभीर हालत में घायल पड़ा था। जिसे पहले इलाज के लिए खाचरियावास हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां स्टाफ नहीं होने की वजह से उसे सीकर रेफर कर दिया गया। जहां इलाज के दौरान सोमवार दोपहर उसकी मौत हो गई। आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग सोहनलाल ने कहा- जब तक नामजद आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया जाता, तब तक वह शव नहीं लेंगे। सोहनलाल ने कहा- जयपुर की 7070 गैंग कई दिनों से बनवारीलाल और परिवार को धमकी दे रही थी। इस बारे में उन्होंने 112 पर भी सूचना दी थी, लेकिन पुलिस आई और औपचारिकता करके चली गई। मामले में दांतारामगढ़ DYSP कैलाश कंवर ने कहा- फिलहाल मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम लगी हुई है। मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
