फलोदी में चिंकारा शिकार मामले की जांच कर रही वन विभाग की टीम पर हमला करने के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों ने दो बार टीम पर हमला किया और मारपीट की थी। साथ ही सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की गई। चिंकारा के शिकार की सूचना पर गई थी टीम 25 जुलाई की रात फलोदी थाना क्षेत्र के सांवरीज गांव में चिंकारा के शिकार की सूचना मिली थी। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो वहां एक मृत चिंकारा मिला। जांच के दौरान मोटरसाइकिल के निशानों के आधार पर टीम एक संदिग्ध के घर पहुंची। पूछताछ में चिंकारा का शिकार करने की बात सामने आई। जब वन विभाग की टीम आरोपी को हिरासत में लेने लगी, तो परिजनों और अन्य लोगों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में सरकारी वाहन में तोड़फोड़ की गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। अगले दिन वन विभाग की टीम दोबारा आरोपियों को पकड़ने गांव पहुंची, लेकिन इस बार भी टीम पर हमला किया गया। इस हमले में एक वनरक्षक की वर्दी फाड़ दी गई और एक होमगार्ड घायल हो गया। लगातार दो बार हुए हमलों के बाद वन विभाग ने फलोदी थाने में पांच नामजद आरोपियों के खिलाफ राजकार्य में बाधा, मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कराया। वन विभाग ने चिंकारा शिकार के मामले में भी एक अलग प्रकरण दर्ज किया है। दो दिनों तक दबिश देने के बावजूद आरोपी पकड़ में नहीं आए थे। हालांकि, अब वन विभाग की टीम ने मुख्य आरोपी नखताराम भील और भोमाराम भील को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।