चित्तौड़गढ़ के रहने वाले छात्र चिन्मय काबरा ने सीबीएसई 12वीं कॉमर्स में 97 प्रतिशत अंक हासिल कर अपने स्कूल में टॉप किया है। बेटे की इस सफलता की खुशी में परिवार ने 50 ग्राम चांदी से बनी स्पेशल किताब श्री सांवलियाजी मंदिर में भेंट की। चिन्मय अपने माता-पिता और बहन के साथ मंदिर पहुंचे, जहां उन्होंने भगवान सांवलिया सेठ के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। परिवार ने शुक्रवार को राजभोग आरती में शामिल होकर भगवान का धन्यवाद किया। मंदिर में श्रद्धालुओं ने भी चिन्मय को शुभकामनाएं दीं। चिन्मय के पिता और व्यापारी सुनील काबरा ने बताया कि बेटे के अच्छे रिजल्ट के लिए उन्होंने पहले ही सांवलिया सेठ से मन्नत मांगी थी। रिजल्ट आने के बाद जब चिन्मय स्कूल टॉपर बना तो परिवार ने भगवान के दरबार में चांदी की किताब चढ़ाने का फैसला लिया। अहमदाबाद में बनवाई गई पांच पन्नों वाली खास चांदी की किताब सुनील काबरा ने बताया कि यह खास किताब करीब 50 ग्राम चांदी से तैयार करवाई गई है और इसमें कुल पांच पन्ने हैं। यह किताब अहमदाबाद में स्पेशल ऑर्डर देकर बनवाई गई। किताब के पहले पेज पर एक तरफ “श्री सांवलिया सेठ की जय” और दूसरी तरफ “12th पास” लिखा हुआ है। दूसरे पेज पर सांवरा सेठ की तस्वीर बनाई गई है, जबकि बाकी पन्नों पर भी भगवान सांवलिया सेठ की जय और उनकी तस्वीरें अंकित की गई हैं। सुनील काबरा ने बताया कि उन्होंने इस किताब का ऑर्डर करीब 15 से 20 दिन पहले ही दे दिया था क्योंकि उन्हें बेटे के अच्छे अंक आने की उम्मीद थी। हालांकि उन्हें यह अंदाजा नहीं था कि चिन्मय स्कूल टॉपर भी बन जाएगा। बेटे की इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है और रिश्तेदारों व परिचितों से लगातार बधाइयां मिल रही हैं। बचपन से पढ़ाई में तेज रहा चिन्मय, अब CA बनने का सपना सुनील काबरा ने बताया कि चिन्मय शुरू से ही पढ़ाई में काफी होशियार रहा है। उसने 10वीं बोर्ड में भी शानदार अंक हासिल किए थे और उस समय भी टॉपर रहा था। परिवार को इस बार भी अच्छे रिजल्ट की उम्मीद थी, लेकिन स्कूल में पहला स्थान हासिल करना उनके लिए गर्व की बात बन गया। उन्होंने कहा कि चिन्मय के अलावा कॉमर्स में ही एक बालिका के 97.04 प्रतिशत बने लेकिन उसके एडिशनल सब्जेक्ट थे जबकि चिन्मय के सभी कॉमर्स मेन कोर्स वाले सब्जेक्ट थे। इस हिसाब से यह जिला टॉपर भी है। चिन्मय ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और भगवान सांवलिया सेठ के आशीर्वाद को दिया है। चिन्मय ने बताया कि अब उसका सपना आगे चलकर चार्टर्ड अकाउंटेंट यानी CA बनने का है और उसने अभी से इसकी तैयारी शुरू कर दी है। परिवार का कहना है कि सांवलिया सेठ का आशीर्वाद हमेशा उनके साथ रहा है और उसी विश्वास के साथ वे मंदिर में धन्यवाद देने पहुंचे।
