मेरे बच्चे को एक खरोच नहीं है, उसका सिर टकराया या क्या हुआ? उसके नाक और कान से खून आया। उसको अस्पताल में कितनी सीपीआर दी। लेकिन, बचा नहीं पाए। उसका भाई वियतनाम से आ रहा था, उसे क्या जवाब दूंगा। मेरे बच्चे की मौत मुझे स्वीकार है, लेकिन अब कोई बच्चा नहीं मरना चाहिए। मैं कल स्कूल के बाहर ताला लगा कर बैठूंगा। एक भी बस अंदर नहीं जाने दूंगा। कोई माई का लाल रोक कर दिखा दे। ये शब्द है, डॉ. राजेश वसानिया के सुबह उनके 16 साल के बेटे हयान की स्कूल वैन एक्सीडेंट में मौत हो गई थी। घर से निकलने से पहले हयान ने कहा था- आई लव यू पापा मम्मी, 2 बजे बजे लौट आऊंगा। फिर भैया का बर्थडे मनाएंगे। पढ़िए स्कूल वैन हादसे की ये रिपोर्ट… हयान की मौत; 1 गंभीर उदयपुर रेफर सुबह 7:30 बजे स्कूल वैन बच्चों को लेकर सेंट पॉल स्कूल जा रही थी। इस वैन में 15 बच्चे सवार थे। अचानक वैन दाहोद मार्ग पर खड़े ट्रक में घुस गई। इसमें हयान (16) की मौत हो गई। वहीं सात बच्चों को ज्यादा चोटें आई। इनमें मध्य मेहता, रूद्र नेमा, गर्व शर्मा, वाणी गुप्ता, प्रिशा मेहता और किंजल साजवान शामिल हैं। इनमें से रूद्र को उदयपुर के गीतांजलि हॉस्पिटल रेफर किया गया है। दो बच्चों का बांसवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। अन्य बच्चों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें घर भेज दिया गया है। वैन के ड्राइवर नितिन मनारिया (29) को पुलिस ने डिटेन किया है। वह अगरपुरा (बांसवाड़ा) का रहने वाला है। कहकर गया था- भैया के आने से पहले पूरा घर सजाऊंगा पिता राजेश ने सुबकते हुए कहा- मेरे बेटे को इंटरनल डैमेज हुआ। उसे सीपीआर देने की कोशिश की। उसे बचा नहीं पाए। बेटे ने जाते हुए कहा था- 2 बजे आ जाऊंगा। मम्मी से आई लव यू कहा था। जब उसकी मां ने कहा कि आज गुरु पूर्णिमा है मंदिर में दर्शन करके जाओ तो उसने कहा मां आप और पापा ही मेरे गुरु हो। आज उसका भाई वियतनाम से आने वाला था। उसके भाई का आज जन्मदिन भी है। उसने कहा था- भैया के आने से पहले पूरे घर को सजाऊंगा। मेरे बड़े बेटे का 26 जुलाई को बर्थडे था उसके लौटने पर सिलेब्रेशन होना था। पिता ने कहा- हयान ने अपने भाई से वियतनाम से ड्रोन लाने को कहा था। किसका ड्रोन उड़ाए, बस ने मेरे बेटे को उड़ा दिया। अब मैं मेरे बड़े बेटे को क्या सरप्राइज दूंगा। कल स्कूल को ताला लगाऊंगा, बस-वैन मुझपर चढ़कर जाएगी पिता ने आरोप लगाया- एक भी गाड़ी पेट्रोल पर नहीं है, सब गैस पर चल रही है ,मेरी स्कूल से मांग है कि बसें चलानी चाहिए। कोई बच्चा अब स्कूल में वैन या ऑटो में नहीं जाएगा। कल मेरे बच्चे का फ्यूनरल होगा। मैं कल स्कूल के गेट पर ताला लगा दूंगा। आ जाए कोई माई का लाल, बस-वैन जाएगी तो मेरे ऊपर से चढ़ कर जाएगी। हंगामा करूंगा… मैं अपने बच्चे के लिए नहीं सबके लिए लडूंगा, मैंने मेरे बच्चे की मौत स्वीकार कर ली है। अब कोई बच्चा वैन या ऑटो में नहीं जाना चाहिए। मैं तो अब लडूंगा बच्चों के लिए लडूंगा। स्कूल वालों को बस लगानी हो तो ठीक नहीं तो स्कूल बंद कर दे। ‘अब कोई बच्चा नहीं मरना चाहिए’ पिता ने कहा- स्कूल वालों को हजारों बार कहा था कि बस की व्यवस्था करो। लेकिन, उन्होंने कहा- बस की व्यवस्था नहीं होगी आना हो तो आओ स्कूल। स्कूल का कोई भी आदमी मोरल सपोर्ट के लिए अस्पताल नहीं आया। उनकी ड्यूटी बनती है। उनको कोई फर्क नहीं पड़ता है। मैंने कलेक्टर और एसपी साहब को कहा है या तो स्कूल चलेगी और स्कूल चलेगी तो बस चलेगी। अब कोई भी बच्चा नहीं मरना चाहिए। इस वैन में 22 बच्चे बैठाए जाते थे। हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… ट्रक में घुसी स्कूल वैन, स्टूडेंट की मौत:गाड़ी के परखच्चे उड़े, बुरी तरह फंस गए बच्चे, एक उदयपुर रेफर स्टूडेंट्स से भरी वैन सड़क किनारे खड़े ट्रक में घुस गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन के परखच्चे उड़ गए। पढ़ें पूरी खबर…