डूंगरपुर पुलिस ने गामड़ी अहाड़ा गांव में जीजा-साली के साथ हुई मारपीट और लूट की घटना का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी डिटेन किया है। आरोपी पुलिस से बचने के लिए जंगल में महिलाओं के वेश में छिपे हुए थे। सीमलवाड़ा पुलिस उपाधीक्षक मदनलाल विश्नोई ने बताया कि 20 जून को परिवादी कैलाश मीणा ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार 19 जून की रात करीब 8:30 से 9 बजे के बीच उनका चचेरा भाई पीयूष अपनी साली के साथ बाइक से जगाबोर से नया तालाब लौट रहा था। इसी दौरान गामड़ी अहाड़ा गांव के पास बदमाशों उनका पीछा किया। आरोपियों ने उन्हें रोककर मारपीट की और उनके पास से मोबाइल, मोबाइल कवर और 500 रुपए लूट लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और थानाधिकारी कैलाश पंवार के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। जंगल में दबिश तो महिलाओं के वेश में छिपे मिले
तकनीकी सहायता और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान की। टीम ने रातापानी-कुडियागुंण के जंगल में दबिश दी, जहां आरोपी महिलाओं के वेश में छिपे हुए थे। पुलिस ने मौके से कावा उर्फ कावालालाल और टिंकू नामक 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया, वहीं एक नाबालिग को भी डिटेन किया। बाइक और चाकू भी बरामद
आरोपी कावा रामसागड़ा थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ मारपीट के 5 मामले पहले से दर्ज हैं। इसके अलावा टिंकू और बाल अपचारी के खिलाफ भी 3-3 मामले पूर्व में दर्ज हैं। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में प्रयुक्त बाइक और एक धारदार चाकू भी बरामद किया है।