कोटा के इटावा क्षेत्र में चंबल नदी से निकल कर मगरमच्छ गांव में घुस गया। ग्रामीणों की सूचना पर समाजसेवी हयात खान मौके पर पहुंचे। मगरमच्छ को रेस्क्यू कर कंधे पर उठाकर गांव से बाहर ले गए। इसके बाद बाइक पर रखकर चंबल नदी के किनारे ले गए और उसे नदी में छोड़ दिया। ग्रामीणों ने बताया- सोमवार सुबह करीब 9 बजे बालूपा रोड स्थित गांव की बस्ती में मगरमच्छ दिखाई दिया। इसकी सूचना वन विभाग और समाजसेवी हयात खान टाइगर को दी, जिसके बाद रेस्क्यू कर मगरमच्छ को सुरक्षित चंबल नदी में छोड़ा गया। मगरमच्छ करीब 5 फीट लंबा और 40 से 45 किलो वजनी था। गांव से दो-तीन किलोमीटर दूर चंबल नदी है। जिससे निकलकर कई बार मगरमच्छ गांव में आ जाते हैं। रेस्क्यू के PHOTOS- मुंह पर टेप लगाकर बांधे पैर, फिर किया रेस्क्यू हयात खान ने बताया कि ग्रामीणों की सूचना पर मैं अपने दो साथियों के साथ मौके पर पहुंचे। सबसे पहले मगरमच्छ के मुंह को सुरक्षित तरीके से पकड़कर उस पर टेप लगाई गई। इसके बाद उसके पैरों को रस्सी से बांधा। इस दौरान उसकी पूंछ को भी नियंत्रण में रखा गया। हयात ने बताया- इस बार पकड़ा गया मगरमच्छ करीब 5 फीट लंबा और 40 से 45 किलो वजनी था। सफल रेस्क्यू के बाद उसे गेता क्षेत्र स्थित चंबल नदी में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
इस साल अब तक 12 मगरमच्छों का किया रेस्क्यू हयात खान ने बताया- इस वर्ष अब तक क्षेत्र में 12 मगरमच्छों का रेस्क्यू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि बरसात के मौसम में कई प्रजातियों के सांप भी आबादी क्षेत्रों में निकल रहे हैं, जिनका रेस्क्यू भी किया जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी वन्यजीव के दिखाई देने पर उसे पकड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें और तुरंत संबंधित विभाग या रेस्क्यू टीम को सूचना दें। … यह खबर भी पढ़ें अजगर ने उगला 15 किलो का सियार, VIDEO:निगलने के बाद जंगल की तरफ जा रहा था, खेत की तारबंदी में फंस गया पाली में 12 फीट लंबे अजगर ने 15 किलो के सियार को निगल लिया। इसके बाद जंगल की तरफ जाने लगा, लेकिन खेत की तारबंदी में फंस गया। आधे घंटे की मशक्कत के बाद तारों को काटकर अजगर का रेस्क्यू किया गया। रेस्क्यू के बाद उसने निगले हुए सियार को बाहर निकाल दिया। हालांकि सियार की मौत हो गई थी। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
