नगरीय विकास मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने NEET- 2026 परीक्षा का पेपर लीक होने और परीक्षा रद्द होने पर माफी मांगी है। उन्होंने कहा- पिछले साल और इस साल भी NEET का पेपर जैसे प्रेस से चोरी हुआ या कहीं और से भी चोरी हुआ। मामले में कई अपराधी पकड़े गए हैं। इसकी जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। आने वाले समय में और भी अपराधी पकड़े जाएंगे। हालांकि पेपर लीक से सबसे ज्यादा नुकसान मेहनती और ईमानदारी से तैयारी करने वाले स्टूडेंट्स को हुआ है। आगामी 2 से 3 महीने बाद चाक-चौबंद व्यवस्था के साथ कड़ी सुरक्षा में NEET परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी। इसमें जितने भी लोगों ने आवेदन किया था, उन सभी से कोई भी फीस नहीं ली जाएगी। मेहनती बच्चों को जो तकलीफ हुई है, उसके लिए मैं भारत सरकार, राजस्थान सरकार और व्यक्तिगत रूप से माफी मांगता हूं। अरबन चैलेंज फंड से सुधरेगी निकायों की सूरत
खर्रा ने झुंझुनू में आयोजित बलिदान दिवस समारोह के दौरान मीडिया से बातचीत में यह बात कही। उन्होंने कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार पर नगर निकायों को आर्थिक रूप से बर्बाद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि निकायों की खराब स्थिति को सुधारने के लिए अब केंद्र और राज्य सरकार मिलकर ‘अरबन चैलेंज फंड’ के जरिए नई कार्ययोजना पर काम कर रही हैं। इस योजना के तहत विकास कार्यों के लिए धन की व्यवस्था तीन स्तरों पर होगी। इसमें कुल कार्ययोजना का 25% हिस्सा भारत सरकार देगी। 25% राशि राज्य सरकार वहन करेगी। शेष 50% राशि हुडको (HUDCO) के माध्यम से ऋण के रूप में ली जाएगी। ​मंत्री ने विश्वास दिलाया कि इस संबंध में भारत सरकार के साथ दो दौर की उच्च स्तरीय बैठकें हो चुकी हैं। उम्मीद है कि अगस्त माह तक इसे अंतिम रूप देकर निकायों में विकास कार्यों को नई गति दी जाएगी।​ पिछली सरकार में निकायों की हालत खराब हुई
उन्होंने कहा कि 2018 से 2023 का समय नगर निकायों के लिए सबसे बुरा दौर था। उस समय निकायों की बेशकीमती संपत्तियों को औने-पौने दामों पर अपने चहेते लोगों को आवंटित कर दिया गया। तब निकायों की आय के जो स्थाई स्रोत थे, उन्हें भी पूरी तरह खत्म कर दिया गया। ​मंत्री ने कहा कि निकायों की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए उनके वार्षिक बजट की परवाह किए बिना तीन से चार गुना अधिक राशि के कार्यों की निविदाएं (Tenders) जारी कर दी गईं। इसी वित्तीय कुप्रबंधन के कारण आज प्रदेश के नगर निकाय आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। ​ओबीसी आरक्षण पर कोर्ट के फैसले का इंतजार
​राजनीतिक नियुक्तियों और पिछड़ा वर्ग आयोग को लेकर पूछे गए सवाल पर मंत्री ने कहा कि मामला वर्तमान में राजस्थान हाईकोर्ट में ‘सब-जुडिस’ (न्यायाधीन) है। न्यायालय का जो भी फैसला आएगा, सरकार पूरी निष्ठा के साथ उसकी पालना सुनिश्चित करेगी। ​अमर शहीदों को दी गई श्रद्धांजलि
​मंत्री खर्रा ने ‘अमर शहीद करणीराम रामदेव पार्क विकास समिति’ द्वारा आयोजित प्रोग्राम में अमर शहीद करणीराम रामदेव को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम में उन्होंने शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की और समाज के प्रति उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में विधायक राजेंद्र भांबू, भाजपा जिलाध्यक्ष हर्षिनी कुलहरि, पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार और उपभोक्ता आयोग अध्यक्ष मनोज कुमार मील भी मौजूद रहे। इस मौके पर समिति पदाधिकारियों ने मंत्री सहित सभी अतिथियों का राजस्थानी परंपरा के अनुसार स्वागत-अभिनंदन किया।

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