चित्तौड़गढ़ जिले की गंगरार थाना पुलिस ने अवैध हथियारों की खरीद-फरोख्त करने वाली गैंग का पर्दाफाश करते हुए कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में अवैध हथियार खरीदने वाला युवक और हथियार सप्लाई करने वाले आरोपी शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, उसकी मैगजीन और दो अतिरिक्त मैगजीन भी बरामद की हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये लोग और किन-किन लोगों को हथियार सप्लाई करते थे। मुखबिर सूचना के बाद पुलिस ने की कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि जिले में अवैध हथियारों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत एएसपी मुकुल शर्मा के निर्देशन और डीएसपी शिवप्रकाश के पर्यवेक्षण में गंगरार थानाधिकारी श्यामाराम के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ हाईवे पर राइट चॉइस होटल के सामने कुछ लोग अवैध हथियारों का सौदा करने वाले हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और चारों आरोपियों को घेराबंदी कर पकड़ लिया। खरीददार और हथियार बेचने वाले आरोपी गिरफ्तार पुलिस जांच में सामने आया कि गंगरार निवासी बबलु सिकलीघर अवैध पिस्टल खरीदने आया था। वहीं उदयपुर में रह रहे तीन युवक उसे हथियार बेचने पहुंचे थे। पुलिस ने मौके से बबलु सिकलीघर पुत्र हनुमान सिघलीघर उम्र 24 वर्ष निवासी स्टेशन गंगरार थाना गंगरार को गिरफ्तार किया। इसके अलावा दीपक उर्फ दीपु पुत्र राजू नायक उम्र 24 वर्ष निवासी लंका कॉलोनी बारां, हाल निवासी पुरोहितों की मादड़ी उदयपुर, निखिल पुत्र देवीलाल भोई उम्र 21 वर्ष निवासी पुरोहितों की मादड़ी उदयपुर और जितेन्द्र पुत्र नारायणलाल माली उम्र 26 वर्ष निवासी शिववाटिका के पास पुरोहितों की मादड़ी उदयपुर को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी बबलु के कब्जे से एक अवैध पिस्टल और मैगजीन बरामद की, जबकि आरोपी दीपक और निखिल के पास से एक-एक अतिरिक्त मैगजीन जब्त की गई। आरोपी जितेन्द्र को भी मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपियों के खिलाफ पहले भी दर्ज हैं कई मामले पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी दीपक उर्फ दीपु के खिलाफ पहले से ही कोटा और बारां जिले में आर्म्स एक्ट, लूट और हत्या जैसे गंभीर मामलों में करीब 6 से 7 मुकदमे दर्ज हैं। वहीं आरोपी निखिल भी पहले पोक्सो एक्ट के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कई और खुलासे होने की संभावना है।