भरतपुर में शनिवार रात बदमाशों ने 5 लाख रुपए से भरा बैग लूटने के लिए बर्तन व्यापारी को गोली मार दी थी। घायल व्यापारी की रविवार रात 1:30 बजे जयपुर के SMS हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। भरतपुर में गंगा मंदिर स्थित बर्तन बाजार आज (सोमवार को) बंद रखा गया। इसके साथ ही कलेक्ट्रेट के बाहर परिजनों ने व्यापारियों के साथ प्रदर्शन किया। इस दौरान दोपहर को साढ़े 3 बजे जयपुर से व्यापारी का शव भरतपुर पहुंचा तो पुलिस रास्ते में ही एम्बुलेंस को अपने साथ RBM अस्पताल ले गई। ऐसे में, कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर रहे परिजन और व्यापारी विरोध करने लगे। बेरिकेड्स हटा कर अंदर घुसने की कोशिश की। बता दें कि सुभाष नगर निवासी व्यापारी चंद्रभान (50) पेट में गोली लगने के बाद खुद बाइक चलाकर भरतपुर के RBM हॉस्पिटल पहुंचे थे। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया था। पुलिस एम्बुलेंस को साथ ले गई बर्तन व्यापारी चंद्रभान का शव परिजन जयपुर से लेकर करीब 3:30 बजे भरतपुर पहुंचे थे। सेवर थाना इलाके में पहुंचते ही पुलिस ने परिजनों को रोक लिया और एम्बुलेंस को अपने साथ ले गई। इसी एम्बुलेंस में व्यापारी की बॉडी रखी थी, इसे पुलिस RBM की मॉर्च्युरी में ले गई। इधर, कलेक्ट्रेट पर शव रखकर प्रदर्शन के लिए व्यापार संघ, कांग्रेस कार्यकर्ता और व्यापारी चंद्रभान के परिजन मौजूद थे। उन्होंने विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने जब बेरिकेड्स हटाकर कलेक्ट्रेट के अंदर घुसने की कोशिश की तो पुलिस और लोगों के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। पत्नी-बेटी बिलखते रहे; कलेक्ट्रेट में घुसने की कोशिश इस दौरान कलेक्ट्रेट पर चंद्रभान के बेटी और पत्नी रोते बिलखती नजर आई। विरोध प्रदर्शन के बाद चंद्रभान के परिजन और व्यापारी अधिकारियों से मिले। परिजनों की मांग है कि घर में कमाने वाले अकेले चंद्रभान थे। ऐसे में, उन्हें 1 करोड़ का मुआवजा दिया जाए, परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही पुलिस की सुरक्षा मुहैया करवाई जाए। आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। बैग में थे 5 लाख रुपए, बदमाशों ने गोली मारी मृतक के बड़े बेटे केशव ने बताया कि मेरे पिता चंद्रभान शनिवार रात मथुरा (यूपी) में प्लॉट देखने गए थे। उनके साथ दुकान पर काम करने वाला युवक नीरज भी था। मेरे पिता अपने साथ 5 लाख रुपए भी लेकर गए थे। रात करीब साढ़े नौ बजे भरतपुर लौटते समय बाइक सवार तीन बदमाश उनका पीछा करने लगे। मेरे पिता ने पहले नीरज को उसके घर छोड़ा। इसके बाद जब वे अपने घर की तरफ आ रहे थे, तब अनोखी होटल के पास बाइक सवार बदमाशों ने रुपयों से भरा बैग छीनने की कोशिश की। मेरे पिता ने बैग नहीं छोड़ा तो बदमाशों ने उनके पेट में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए। खुद बाइक चलाकर पहुंचे थे हॉस्पिटल पेट में गोली लगने के बाद भी चंद्रभान ने हिम्मत नहीं हारी। खून बहने और दर्द के बावजूद उन्होंने खुद ही अपनी बाइक संभाली और सीधे आरबीएम हॉस्पिटल पहुंच गए। हॉस्पिटल पहुंचते ही उन्होंने परिजनों को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। परिवार के लोग घबराए हुए हॉस्पिटल पहुंचे। डॉक्टरों ने तुरंत उनका इलाज शुरू किया और गंभीर हालत को देखते हुए ICU में भर्ती कर लिया। शनिवार रात करीब 12:30 बजे उनकी हालत अचानक ज्यादा बिगड़ गई। इसके बाद डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए जयपुर के SMS हॉस्पिटल रेफर कर दिया। वहां डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर उनके पेट में फंसी गोली निकाल दी। ऑपरेशन के बाद उन्हें वार्ड में शिफ्ट किया गया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इलाज के दौरान रविवार रात करीब 1:30 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। चंद्रभान के एक बेटी डिम्पल और 2 बेटे केशव व कान्हा हैं। चंद्रभान बेटे केशव के साथ बर्तन की दुकान संभालते थे। व्यापारियों का आरोप- RBM हॉस्पिटल में समय पर गोली नहीं निकाली भरतपुर में गंगा मंदिर स्थित बर्तन बाजार के व्यापारियों ने आरबीएम हॉस्पिटल की चिकित्सा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि समय पर व्यापारी के पेट से गोली नहीं निकाली गई और उन्हें जल्दबाजी में जयपुर रेफर कर दिया गया। अगर समय पर सही इलाज मिलता तो उनकी जान बच सकती थी। व्यापारियों ने जयपुर के SMS हॉस्पिटल पर भी इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। … यह खबर भी पढ़ें… भरतपुर में आधे घंटे में 2 व्यापारियों को गोली मारी: व्यापारी से कैश से भरा बैग लूटा, विरोध करने पर बर्तन व्यवसायी को अधमरा किया
