भरतपुर में व्यापारी को फ्लाइंग डिस्क खेलते समय हार्ट अटैक आ गया। उनके दोस्तों ने उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया। जहां डॉक्टरों उन्हें मृत घोषित कर दिया। व्यापारी हर रोज अपने दोस्तों के साथ साइकिलिंग और फ्लाइंग डिस्क गेम खेलते थे। उनकी बेटी जर्मनी में पढ़ाई करती है। पिता की मौत की खबर सुनते ही बेटी इंडिया पहुंची। बेटी ने पिता को मुखाग्नि दी। भरतपुर के कृष्णा नगर के रहने वाले थे। मानव गर्ग रेडीमेड गारमेंट का व्यापार करते थे। उनके घर में पत्नी और एक बेटी है। साइकिलिंग और फ्लाइन डिस्क खेलते थे लोकेश अग्रवाल निवासी रंजीत नगर ने बताया कि मेरे दोस्त मानव गर्ग (53) निवासी कृष्णा नगर साइकिल क्लब से जुड़े थे। मानव रोजाना अपने दोस्तों के साथ साइकिलिंग किया करते थे। उसके बाद फ्लाइंग डिस्क खेलते थे। साथियों ने सीपीआर दी बुधवार सुबह करीब 8 बजे वह साइकिल चलाने के बाद नाईटीन स्पोर्ट एकेडमी कदमकुंज के पीछे फ्लाइंग डिस्क खेल रहे थे। मानव गेम खेलकर ग्राउंड पर ही एक पत्थर पर बैठ गए। तभी उनके अचानक सीने में दर्द उठा और, वह गिर गए। तभी वहां मौजूद उनके साथियों ने सीपीआर दिया, लेकिन तबीयत ठीक नहीं हुई। तुरंत उन्हें आरबीएम अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। बेटी जर्मनी में पढ़ाई करती है शव को आरबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा गया था। मानव गर्ग की बेटी मानवी गर्ग (22) जर्मनी में पढ़ाई करती हैं। पिता के मौत की खबर बेटी को दी गई। रात 2 बजे मानवी भरतपुर पहुंची। गुरुवार को उनके शव का अंतिम संस्कार किया गया। परिजनों ने मानव गर्ग के शव का पोस्टमार्टम करवाने से मना कर दिया। बेटी मानवी ने ही पिता के शव को मुखाग्नि दी। ये खबर भी पढ़ें… चलती बस में हार्ट अटैक से किसान की मौत:खाटूश्यामजी के दर्शन कर लौट रहे थे; सीकर से पाली आते समय तोड़ा दम खाटू श्यामजी के दर्शन कर लौट रहे एक किसान की चलती बस में तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। परिजन उन्हें इलाज के लिए तुरंत पाली के बांगड़ अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनकी मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…
….. सेना के जवान को पत्नी और बेटे ने मुखाग्नि दी:अर्थी को महिलाओं ने कंधा दिया, पेट्रोलिंग के समय हार्ट अटैक से हुआ था निधन भरतपुर के सेना में हवलदार दयाराम गुर्जर (36) का ट्रेन में पेट्रोलिंग के समय हार्ट अटैक से निधन हो गया। मंगलवार को पैतृक गांव बयाना के दर्र बराहना में सैन्य सम्मान से उनका अंतिम संस्कार किया गया। महिलाओं ने अर्थी को कंधा दिया। पत्नी और 6 साल के बेटे ने मुखाग्नि दी। पूरी खबर पढ़ें…
