फलोदी में मुहर्रम के अवसर पर बुधवार शाम पारंपरिक श्रद्धा और अनुशासन के साथ ताज़ियों का जुलूस निकाला गया। अकीदतमंदों ने इमाम हुसैन और कर्बला के शहीदों की कुर्बानी को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था और भाईचारे का माहौल देखने को मिला। किले के पीछे से शुरू हुआ जुलूस ताज़िया जुलूस की शुरुआत किले के पीछे स्थित क्षेत्र से हुई, जहां शहर के विभिन्न मोहल्लों से तैयार किए गए ताज़िए एकत्रित हुए। इसके बाद लोहार एवं कुरेशी, चूडीगर, नयारिया और फकीर समाज की ओर से निकाले गए ताज़िए निर्धारित मार्गों से होकर आगे बढ़े। जुलूस में मुस्लिम समाज के लोगों के साथ अन्य समुदायों के नागरिकों ने भी भागीदारी निभाई। मातमी धुनों के बीच गूंजती रहीं ‘हुसैन’ की सदाएं जुलूस के दौरान मातमी धुनों और ‘हुसैन’ की सदाओं के बीच अकीदतमंदों ने अपनी श्रद्धा व्यक्त की। मार्ग में कई स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने शर्बत एवं पेयजल की व्यवस्था कर जुलूस का स्वागत किया। ताज़ियों के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की छतों और मार्ग के किनारे मौजूद रहे। वहीं किले के आसपास मुहर्रम के अवसर पर लगी अस्थायी दुकानों पर लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिली। शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासन ने किए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम मुहर्रम के जुलूस को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए करीब 35 पुलिसकर्मियों और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने पूरे जुलूस के दौरान व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखी, जिससे आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।