फरीदकोट में नगर काउंसिल चुनाव को लेकर सत्ताधारी आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के बीच सियासी खींचतान जारी है। चुनाव निष्पक्ष ढंग से करवाने की मांग को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्पेशल ऑब्जर्वर नियुक्त करने की मांग की थी, जिसे हाईकोर्ट ने स्वीकार कर लिया है। हालांकि इन ऑब्जर्वरों का खर्च पार्टी को स्वयं उठाना पड़ेगा। यह जानकारी शिरोमणि अकाली दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं हलका इंचार्ज परमबंस सिंह बंटी रोमाणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दी। बंटी रोमाणा ने कहा कि चुनाव की घोषणा से नामांकन पत्रों की जांच तक सत्ताधारी पार्टी ने विरोधी उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने के हरसंभव प्रयास किए। फरीदकोट में 26 मई को होने है चुनाव पार्टी के वर्करों और नेताओं पर झूठे केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार तक किया गया। इन सभी मामलों को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके आधार पर हाईकोर्ट ने फरीदकोट में चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए चार ऑब्जर्वर नियुक्त किए हैं। इनमें से दो ऑब्जर्वर 26 मई को मतदान प्रक्रिया की निगरानी करेंगे, जबकि दो ऑब्जर्वर 29 मई को मतगणना कार्य पर नजर रखेंगे। बंटी रोमाणा ने कहा कि इन ऑब्जर्वरों का पूरा खर्च, जो लगभग चार लाख रुपये के आसपास होगा, पार्टी द्वारा वहन किया जाएगा। पुलिस ने उन पर भी केस दर्ज कर शुक्रवार को उन्हें पूछताछ के लिए थाने बुलाया था और वह इस मामले की वह कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि चुनाव के दौरान लोकतंत्र का गला घोंटने की कोशिश की गई तो पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। चुनाव ड्यूटी से गैरहाजिर रहने पर एसएचओ सस्पेंड उधर, जिला पुलिस ने चुनाव ड्यूटी से गैरहाजिर रहने के मामले में थाना सिटी कोटकपूरा के एसएचओ इंस्पेक्टर चमकौर सिंह बराड़ को निलंबित करने के आदेश जारी कर दिए हैं। पुलिस के अनुसार बठिंडा में हुई एक हत्या मामले के विवाद में घिरे एसएचओ ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए थे। इसके बाद उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया गया था और अब उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।

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