राजस्थान हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक के बेटे और जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (जेवीवीएनएल) के सहायक अभियंता (एईएन) विक्रम सिंह लोदी के एक ही दिन में दो बार किए गए तबादले के मामले में फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने निगम द्वारा जारी दूसरा तबादला आदेश निरस्त करते हुए याचिकाकर्ता को टोंक में उनके वर्तमान पद पर ही बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। न्यायमूर्ति गणेशराम मीणा की एकलपीठ ने यह आदेश टोंक निवासी एवं जेवीवीएनएल में सहायक अभियंता (आरडीएसएस) के पद पर कार्यरत विक्रम सिंह लोदी की ओर से वकील लक्ष्मीकांत शर्मा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के बाद मंगलवार को पारित किया। एक दिन में 2 बार किए गए थे तबादले
याचिका के अनुसार, जेवीवीएनएल ने 10 जुलाई को जारी आदेश के तहत विक्रम सिंह लोदी का तबादला देवली से टोंक कर दिया था। इस आदेश की अनुपालना करते हुए उन्होंने 11 जुलाई को टोंक में कार्यभार ग्रहण कर लिया। हालांकि, इसी बीच निगम ने 10 जुलाई की तारीख वाला एक अन्य आदेश जारी कर उनका स्थानांतरण झालावाड़ जिले के पीड़ावा कर दिया, जिसे हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। निगम की ओर से कोर्ट में कहा गया कि याचिकाकर्ता वर्ष 2010 से टोंक जिले में विभिन्न पदों पर कार्यरत रहे हैं और प्रशासनिक जरूरत के चलते उनका तबादला किया गया। वहीं, याचिकाकर्ता की ओर से वकील ने दलील दी कि दूसरा तबादला आदेश दुर्भावनापूर्ण तरीके से जारी किया गया। यह भी तर्क दिया गया कि याचिकाकर्ता के स्थान पर किसी अन्य अधिकारी की नियुक्ति नहीं की गई, जिससे आदेश की मंशा पर सवाल खड़े होते हैं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जेवीवीएनएल का दूसरा तबादला आदेश निरस्त कर दिया और निर्देश दिया कि विक्रम सिंह लोदी को टोंक में उनके वर्तमान पद पर ही कार्यरत रखा जाए। बता दें कि विक्रम सिंह निवाई से कांग्रेस विधायक रहे कमल बैरवा के बेटे है।
